न्यूनतम वेतन ₹26,000, इंजीनियरिंग उद्योग का वेतन पुनरीक्षण सहित 12-सूत्रीय मांगों को लेकर ट्रेड यूनियनों ने सौंपा ज्ञापन

गिरफ्तार श्रमिकों की रिहाई और वेतन असमानता खत्म करने की मांग, आंदोलन तेज करने की चेतावनी

 

राष्ट्रीय मांग दिवस के अवसर पर आज 12 मई को संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा, गौतम बुध नगर के बैनर तले एटक, एलपीएफ, ऐक्टू, इंटक, सीटू सहित सभी प्रमुख ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों ने अपर श्रमायुक्त गौतम बुध नगर श्री राकेश द्विवेदी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित 12-सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

 

ज्ञापन में नोएडा-गाजियाबाद के श्रमिकों का न्यूनतम वेतन दिल्ली के समकक्ष करने, पूरे प्रदेश में न्यूनतम वेतन ₹26,000 प्रति माह घोषित करने और इंजीनियरिंग उद्योग में वर्ष 2014 से लंबित वेतन पुनरीक्षण को तत्काल लागू करने की प्रमुख मांग की गई।

प्रमुख मांगें:
* दिल्ली के बराबर तत्काल अंतरिम वेतन वृद्धि और वेज बोर्ड कमेटी का गठन • आंदोलन के दौरान गिरफ्तार सभी श्रमिकों-कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई, झूठे मुकदमे वापस हों • श्रमिक विरोधी श्रम संहिताएं वापस ली जाएं, 8 घंटे कार्यदिवस और डबल ओवरटाइम सुनिश्चित हो • संविदा श्रमिकों को स्थायी किया जाए, समान कार्य के लिए समान वेतन दिया जाए • एलपीजी व आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण, त्रिपक्षीय वार्ता तुरंत शुरू हो
इस अवसर पर सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि आज देशभर की ट्रेड यूनियनों ने संयुक्त रूप से मांग दिवस मनाने का आह्वान किया था। जिले के विशेष हालात के चलते हमने कोई प्रदर्शनात्मक कार्रवाई नहीं की, बल्कि शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर सरकार को चेताया है।

उन्होंने कहा कि एक ही एनसीआर में दिल्ली के श्रमिक को ज्यादा वेतन और नोएडा-गाजियाबाद के श्रमिक को कम वेतन मिलना “समान कार्य के लिए समान वेतन” के सिद्धांत के खिलाफ है। इंजीनियरिंग उद्योग में 2014 के बाद वेतन रिवीजन न होने से श्रमिकों में भारी आक्रोश है। महंगाई के इस दौर में मौजूदा न्यूनतम वेतन “ऊंट के मुंह में जीरा” साबित हो रहा है।

श्री शर्मा ने बताया कि एनसीआर में श्रमिकों पर पुलिस दमन, गिरफ्तारियां और मुकदमे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो श्रमिक वर्ग आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा।

ज्ञापन देने वालों में एटक नेता मोहम्मद नईम, एलपीएफ नेता राममिलन सिंह, ऐक्टू नेता अमर सिंह, इंटक नेता डॉ. के पी ओझा, सीटू नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा, राम स्वारथ, अरुण कुमार पटेल, महिला नेता रेखा चौहान सहित बड़ी संख्या में श्रमिक प्रतिनिधि शामिल रहे।

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