सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बना बीजेपी ने बिहार में शुरू किया नया युग
चरण सिंह
बिहार देश का ऐसा राज्य है जिसके के बारे में यह कहा जाता रहा है कि लालू और नीतीश के होते बीजेपी अपना मुख्यमंत्री नहीं बना पाएगी। काफी समय तो इन दोनों महारथियों ने बीजेपी को अपनी रणनीति में सफल नहीं होने दिया। पर बीजेपी की रणनीति के सामने लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की राजनीति ज्यादा दिनों तक न चल सकी और अब बीजेपी ने सम्राट चौधरी के रूप में अपना मुख्यमंत्री बना ही दिया है। लालू प्रसाद भी बिहार की राजनीति में हैं और नीतीश कुमार भी। इतना ही नहीं लालू प्रसाद के बेटे तेजस्वी यादव भी और नीतीश कुमार के बेटे निशांत भी राजनीती में आने जा रहे हैं। ऐसे में बड़ा प्रश्न उठता है कि आख़िरकार बीजेपी अपनी रणनीति में कैसे सफल हुई ?
दरअसल इस मामले में गलती नीतीश कुमार की कम और लालू प्रसाद की ज्यादा है। जब नीतीश कुमार ने इंडिया गठबंधन बनाया तो उन्होंने अखिलेश यादव, ममता बनर्जी, अरविन्द केजरीवाल, एमके स्टालिन, शरद पवार, फारुख अब्दुल्ला से मिलकर विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास किया। इंडिया गठबंधन की पहली मीटिंग भी अपने आवास पर की। जब दिल्ली में तीसरी मीटिंग चल रही थी तो पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन के संयोजक के लिए कांग्रेस के मल्लिकाजुर्न खड़गे का नाम पस्तावित कर दिया।
दिल्ली के तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने उनका समर्थन का दिया। उस समय जब नीतीश कुमार मीटिंग को बीच में छोड़कर पटना चले आये तो लालू प्रसाद ने उनको रोकने का कोई प्रयास नहीं किया और न ही उनको मनाने का प्रयास किया। नीतीश कुमार फिर से बीजेपी से सट गए। इस बीच में लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार को मनाने का खास प्रयास नहीं किया। 2025 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी और जदयू मिलकर चुनाव लड़े। जदयू भी सम्मानजनक स्थिति में आई पर बीजेपी ने नीतीश कुमार को नीतीश कुमार को मुखयमंत्री बनाया। अब नीतीश कुमार को राज्य सभा में भेजकर सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री बना दिया।
देखने की बात अब यह है कि क्या नीतीश कुमार की जदयू अपने अस्तित्व में रहेगी ? या फिर शिवसेना और अकाली दल की तरह टूट जाएगी। वैसे ललन सिंह और संजय झा आज की तारीख में गृह मंत्री अमित शाह के शागिर्द की भूमिका में हैं। तो क्या ललन सिंह की अगुआई में देर सवेर जदयू टूटेगी ? क्या नीतीश कुमार की और दुर्गति होगी ?
दरअसल बीजेपी से जिस पार्टी ने गठबंधन किया उसका वजूद बीजेपी ने खत्म कर दिया है। पंजाब में अकाली दल, महाराष्ट्र में शिवसेना, हरियाणा में जेजेपी, जम्मू कश्मीर में पीडीपी का वजूद खत्म कर दिया तो क्या बीजेपी अब जदयू का वजूद खत्म करेगी ?








