नोएडा फेज-2 के होजरी कॉम्प्लेक्स में वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर मजदूरों की हड़ताल तीसरे दिन भी जारी रही। मदरसन समेत दर्जनों फैक्ट्रियों में कामकाज ठप रहा। पुलिस दमन जारी: सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा व महासचिव रामस्वारथ सहित कई नेताओं को 9 अप्रैल से हाउस अरेस्ट हैं। सीटू ने दमन की कड़ी निंदा करते हुए नेताओं की तुरंत रिहाई मांगी। मजदूरों का हाल: महंगाई में गैस 500 रु. तक पहुंच गई, फिर भी यूपी में न्यूनतम वेतन सिर्फ ₹11,000 है। 12 घंटे ड्यूटी के बाद भी ठेका मजदूरों को ₹10,000-₹12,000 ही मिलते हैं। इतने में परिवार चलाना असंभव है।
सीटू की मांग
न्यूनतम वेतन तत्काल ₹26,000 प्रतिमाह घोषित हो। • ओवरटाइम का दोगुना भुगतान व सभी को ईएसआई, पीएफ मिले। • ठेका प्रथा खत्म कर स्थायीकरण हो। • गिरफ्तार नेताओं को रिहा कर दमन बंद हो। सीटू जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा, “दमन से मजदूरों की आवाज नहीं दबेगी। ₹11,000 में गुजारा संभव नहीं। वेतन नहीं बढ़ा तो श्रम अशांति तय है। वेतन बढ़ाओ या आंदोलन झेलो सीटू मजदूरों के आंदोलन के साथ है।








