बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनना होगा जनादेश के साथ विश्वासघात : सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया)

सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने चुनाव के कुछ ही महीनों के भीतर नेतृत्व एवं सत्ता परिवर्तन को गलत करार दिया है और मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफ़े के बाद बिहार में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। पार्टी का कहना है कि बिहार विधानसभा चुनाव में जनता के सामने जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत कर चुनाव लड़ा गया था और जनता ने उसी आधार पर अपना जनादेश दिया था। और अब उनके इस्तीफ़े और भारतीय जनता पार्टी के नेता को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा लोकतांत्रिक भावना और जनादेश के साथ सरासर धोखा है।

नीतीश कुमार को इस्तीफ़ा देने की जो भी वजह रही हो पर लोकतांत्रिक मर्यादा के अनुसार उनके स्थान पर नया मुख्यमंत्री जदयू से ही होना चाहिए, क्योंकि जनता ने इस गठबंधन को जदयू के नेतृत्व में सरकार बनाने के नाम पर ही समर्थन दिया था। भाजपा का मुख्यमंत्री पद पर दावा करने की कोई भी कोशिश जनादेश की भावना के विपरीत होगी।

पार्टी का कहना है कि सत्ता की राजनीति में सिद्धांतों और जनविश्वास को बार-बार कुचलने की प्रवृत्ति से लोकतंत्र कमजोर होता है। जनता का मत किसी दल या गठबंधन के भीतर होने वाले सत्ता संतुलन के खेल के लिए नहीं होता। जनता अपनी नीतिगत प्राथमिकताओं और नेतृत्व के भरोसे के आधार पर सरकार चुनती है। उस भरोसे को तोड़ना लोकतांत्रिक नैतिकता के खिलाफ है।

यह साफ दिख रहा है कि बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए उतावली भाजपा सारी राजनीतिक मर्यादाओं को तार-तार करने पर आमादा है। यदि भाजपा अपना मुख्यमंत्री बनाना ही चाहती है, तो उसे नैतिकता और लोकतांत्रिक सिद्धांतों का पालन करते हुए बिहार विधानसभा को भंग कराना चाहिए और जनता के बीच जाकर नया जनादेश प्राप्त करना चाहिए। जनता से मिले जनादेश की अवहेलना कर सत्ता परिवर्तन करना लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।

पार्टी यह भी मानती है कि बिहार जैसे गरीब और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे राज्य में सत्ता की इस तरह की खींचतान राज्य के हित में नहीं है। लोकतांत्रिक सरकारों का दायित्व है कि वे सत्ता की जोड़-तोड़ के बजाय जनता की समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें।

पार्टी सभी लोकतांत्रिक, समाजवादी और जनवादी शक्तियों से अपील करती है कि वे बिहार में जनादेश की रक्षा के लिए आवाज़ उठाएँ और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का विरोध करें।

धनञ्जय सिन्हा, अध्यक्ष, सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया), बिहार

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