पश्चिमी दिल्ली में बल्लेबाजी को लेकर तीन नाबालिग लड़कों ने अपने नाबालिग साथी की जान ले ली
चरण सिंह
क्या इसे एकल परिवार की वजह कहा जाएगा ? बुरी संगत में पड़ना कहा जाएगा ? बच्चों में पनप रहा अवसाद और झूठी शान खान कहा जाएगा। बच्चों का समाज से कटना कहा जाएगा या फिर शासन प्रशासन का भ्रष्ट और लापरवाह होना। वजह कुछ भी हो दूसरे शहर और गांव तो छोड़ दीजिये देश की राजधानी दिल्ली में भी कानून नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। छोटी छोटी बात पर एक दूसरे को मार दिया जा रहा है। बीच सड़क पर ज़रा ज़रा सी बात पर डंडे से पीट-पीट कर हत्या कर देना आम बात हो गई है।
पश्चिमी दिल्ली में जिस तरह से एक नाबालिग लड़के की हत्या उसके साथियों ने ही पीट पीट की वह रोंगटे खड़े करने वाली है। दरअसल क्रिकेट के मामूली विवाद में 15 साल के एक नाबालिग लड़के की हत्या 3 नाबालिग लड़कों ने ही कर दी। मामला कितना गंभीर हो गया है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि यह हत्या मात्र बल्लेबाजी को लेकर की गई है।
दरअसल वुडलैंड पार्क में क्रिकेट खेलते समय 15 वर्षीय किशोर और 12 वर्षीय बच्चे के बीच पहले बल्लेबाजी करने को लेकर कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर दोनों में हाथापाई शुरू हो गई। उस समय तो वहां मौजूद लोगों ने हस्तक्षेप कर दोनों को अलग करा दिया और दोनों अपने-अपने घर लौट गए।
समझने की बात यह है कि स्थिति कितनी नाजुक हो गई है कि जिस उम्र में बच्चों को अपना करियर बनाने पर फोकस करना चाहिए। उस उम्र में छोटे छोटे बच्चे बड़ा-बड़ा षड्यंत्र रच रहे हैं। घर जाकर इनमें से एक लड़के ने अपने दो चचेरे नाबालिग भाइयों को साथ लेकर दूसरे लड़के को ढूँढना शुरू किया। शाम को तीनों ने उस किशोर को घेर लिया और बैट से उसके सिर व गर्दन पर कई वार किए। इससे किशोर बेसुध हो गया फिर भी ये लड़के पर बैट से हमला करते रहे।
इसी बीच लोगों को वहां आता देख तीनों भाग गए। पुलिस उसे दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाने लगी, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतक चार भाइयों में से सबसे छोटा था। उसके पिता चाय की दुकान चलाते हैं। स्थिति यह है कि इन 55 दिनों में ही पांच बड़ी घटनाओं में नाबालिगों ने पांच लोगों की जान ले ली है, जिसमें एक द्वारका हादसा भी है। इससे पहले एक नाबालिग स्कार्पियो चालक ने रील बनाते हुए लापरवाही से तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने के दौरान एक बाइक सवार को टक्कर मार दी थी, जिसके बाइक सवार युवक साहिल की मौके पर ही मौत हो गई थी।
18 फरवरी को नजफगढ़ में चोरी के इरादे से घुसे दो किशोरों ने विरोध करने पर एक बुजुर्ग महिला की गला दबाकर हत्या कर दी थी। 10 फरवरी को ख्याला में दो नाबालिगों ने पुरानी रंजिश में एक किशोर की गर्दन पर चाकू से वार कर उसकी हत्या कर दी थी। 12 जनवरी को शाहदरा में एक 16 वर्षीय नाबालिग ने अपने ही पड़ोसी की चाकू गोदकर हत्या कर दी थी। विवाद महज 500 के लेनदेन को लेकर हुआ था।








