नई दिल्ली। भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने हाल ही में लोकसभा में (4 फरवरी 2026 को बजट सत्र के दौरान) पंडित जवाहरलाल नेहरू और गांधी परिवार पर विवादास्पद और आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं, जिससे सदन में हंगामा मच गया और कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस के दौरान राहुल गांधी के एक अप्रकाशित किताब (संभवतः पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब) पर हंगामे का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष बिना छपी किताब पर संसद को “बंधक” बना रहा है, जबकि वे छपी हुई किताबों का हवाला देकर गांधी-नेहरू परिवार के इतिहास पर सवाल उठाना चाहते हैं।
दुबे ने विशेष रूप से एडविना माउंटबेटन और नेहरू से जुड़ी किताबों का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि किताबों में नेहरू के “अय्याशी” (debauchery) का वर्णन है, जो विभाजन के समय हुआ और देश के साथ “गद्दारी, मक्कारी, भ्रष्टाचार” से जुड़ा है। उन्होंने नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी पर भी इसी तरह की अभद्र टिप्पणियां कीं, जैसे परिवार का इतिहास “झूठ, मक्कारी, अय्याशी, भ्रष्टाचार और देश तोड़ने” का है।
इससे कांग्रेस सांसदों में भारी रोष फैला, सदन में हंगामा हुआ, स्पीकर को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा, और अंततः लोकसभा की कार्यवाही शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस ने स्पीकर से शिकायत की और इसे संसद की मर्यादा का अपमान बताया।
प्रियंका गांधी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार सदन को चलने नहीं दे रही, राहुल गांधी (LoP) को बोलने नहीं दे रही, और नेहरू को बार-बार घसीटकर असली मुद्दों (जैसे सेना प्रमुख की किताब में वर्णित हालिया घटनाओं) से ध्यान भटका रही है।
यह घटना संसद में राजनीतिक बहस के दौरान नेहरू-गांधी परिवार पर भाजपा की ओर से अक्सर की जाने वाली आलोचना का ताजा उदाहरण है, लेकिन भाषा और संदर्भ की वजह से इसे खास तौर पर आपत्तिजनक माना जा रहा है। X (पूर्व ट्विटर) पर भी इसकी वीडियो और चर्चा तेजी से वायरल हो रही है।
उन्होंने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर बहस के दौरान राहुल गांधी के एक अप्रकाशित किताब (संभवतः पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की किताब) पर हंगामे का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष बिना छपी किताब पर संसद को “बंधक” बना रहा है, जबकि वे छपी हुई किताबों का हवाला देकर गांधी-नेहरू परिवार के इतिहास पर सवाल उठाना चाहते हैं।
दुबे ने विशेष रूप से एडविना माउंटबेटन और नेहरू से जुड़ी किताबों का जिक्र किया, जिसमें उन्होंने दावा किया कि किताबों में नेहरू के “अय्याशी” (debauchery) का वर्णन है, जो विभाजन के समय हुआ और देश के साथ “गद्दारी, मक्कारी, भ्रष्टाचार” से जुड़ा है। उन्होंने नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और सोनिया गांधी पर भी इसी तरह की अभद्र टिप्पणियां कीं, जैसे परिवार का इतिहास “झूठ, मक्कारी, अय्याशी, भ्रष्टाचार और देश तोड़ने” का है।
इससे कांग्रेस सांसदों में भारी रोष फैला, सदन में हंगामा हुआ, स्पीकर को बार-बार हस्तक्षेप करना पड़ा, और अंततः लोकसभा की कार्यवाही शाम 5 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। कांग्रेस ने स्पीकर से शिकायत की और इसे संसद की मर्यादा का अपमान बताया।
प्रियंका गांधी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार सदन को चलने नहीं दे रही, राहुल गांधी (LoP) को बोलने नहीं दे रही, और नेहरू को बार-बार घसीटकर असली मुद्दों (जैसे सेना प्रमुख की किताब में वर्णित हालिया घटनाओं) से ध्यान भटका रही है।
यह घटना संसद में राजनीतिक बहस के दौरान नेहरू-गांधी परिवार पर भाजपा की ओर से अक्सर की जाने वाली आलोचना का ताजा उदाहरण है, लेकिन भाषा और संदर्भ की वजह से इसे खास तौर पर आपत्तिजनक माना जा रहा है। X (पूर्व ट्विटर) पर भी इसकी वीडियो और चर्चा तेजी से वायरल हो रही है।








