किरतपुर। किरतपुर पुलिस द्वारा घटना में इस्तेमाल धारदार हथियार और वाहनों को विवेचना में शामिल ना करने की पीड़ितों द्वारा पुलिस अधीक्षक से शिकायत की गई है। पीड़िता संगीता पत्नी संजीव ने पुलिस अधीक्षक बिजनौर से मिलकर मु०अ०सं० 151/2025 में इस्तेमाल किये गए वाहन को सीज करने और धारदार हथियार को बरामद कर विवेचना में शामिल करने की मांग की है।
उल्लेखनीय है कि पिछले महीने 7 जून की रात्रि नौ बजे नजीबाबाद थाना क्षेत्र गांव नारायणपुर कल्हेड़ी निवासी कामेन्द्र पुत्र भगवत, गोलू पुत्र नामालुम एंव चीकू, शनि, गौरव, आर्यन पुत्रगण कामेन्द्र एंव सोनम पत्नी घनश्याम दो मोटर साइकिलों-यूके 12 डी 3576 व होण्डा पेशन यूए 12, 0680 से ग्राम लच्छीरामपुर उर्फ सुल्तानपुर सादात आये। जिनके हाथों में लाठी डंडे, तबल, पाठल एंव कुल्हाड़ी थी, ने गाली गलौच करते हुए जान से मारने की नियत से संगीता के पति संजीव, सास व ससुर पर हमला बोल दिया। संगीता के पति संजीव, सास व ससुर गंभीर घायल हो गये थे। किरतपुर पुलिस द्वारा मु०अ०सं० 151/2025 दर्ज किया गया था। पीड़िता संगीता ने पुलिस अधीक्षक बिजनौर को अवगत कराया है कि विवेचक द्वारा घटना में इस्तेमाल की गई मोटर साइकिल संख्या-यूके 12 डी 3576 व होण्डा पेशन यूए 12, 0680 सीज नहीं की गई है और ना ही घटना में इस्तेमाल हुये धारदार हथियार तबल, पाठल एंव कुल्हाड़ी को बरामद किया गया है। उक्त मुकदमे में अभियुक्तगण चीकू, शनि, गौरव, गोलू पकड़े गए, जबकि तीन अभियुक्त आर्यन, कामेन्द्र व सोनम फरार हैं, जो फैसले का दबाव बनाते हुये परिवार वालों को और गवाहों को डरा धमका रहे हैं और फैसले के लिए मजबूर कर रहे हैं और फैसला ना करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। घायलों का मेडिकल किरतपुर, बिजनौर व मेरठ अस्पतालों में हुये। जिन्हें विवेचना में शामिल किया जाना जरूरी है। पुलिस अधीक्षक को दिये पत्र में संगीता ने मांग की है कि वह किरतपुर पुलिस को आदेशित करें कि पुलिस मु० अ० सं० 151/2025 में दस्तावेजी सबूत मेडिकल, वाहन और धारदार हथियारों को सीज कर विवेचना में शामिल करें।






