उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से केरल तक फैले कथित धर्मांतरण रैकेट के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी ताज मोहम्मद की तलाश तेज कर दी है। इस मामले में एक 15 वर्षीय नाबालिग दलित लड़की को बहला-फुसलाकर केरल के त्रिशूर ले जाया गया, जहां उसका जबरन धर्मांतरण कराने और जिहादी गतिविधियों में शामिल करने की कोशिश की गई।
पुलिस ने दो आरोपियों, दरकशा बानो और मोहम्मद कैफ, को गिरफ्तार कर लिया है। दरकशा ने लड़की को पैसे का लालच देकर अपने साथ ले जाया और मोहम्मद कैफ ने उसे प्रयागराज जंक्शन तक पहुंचाया, जहां से वे दिल्ली और फिर केरल गए। पीड़िता के अनुसार, त्रिशूर में उसे एक मकान में रखा गया, जहां अन्य नाबालिग लड़कियों को भी धर्मांतरण और जिहाद की ट्रेनिंग के लिए तैयार किया जा रहा था।
पुलिस को शक है कि ताज मोहम्मद इस रैकेट का मास्टरमाइंड है और इसके आतंकी संगठनों से संबंध हो सकते हैं। प्रयागराज पुलिस ने ताज की गिरफ्तारी के लिए केरल और झारखंड में छापेमारी शुरू की है, और तीन टीमें इसकी तलाश में जुटी हैं। दरकशा के मोबाइल रिकॉर्ड की जांच से पता चला कि उसने ताज से कई बार संपर्क किया था।
यह मामला 8 मई को शुरू हुआ, जब लड़की एक शादी समारोह से लापता हो गई थी। 28 जून को वह त्रिशूर रेलवे स्टेशन से भागकर अपनी मां से संपर्क करने में सफल रही, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई की। जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह गरीब और दलित लड़कियों को निशाना बनाता है, उन्हें पैसे और बेहतर जीवन का लालच देकर ब्रेनवॉश करता है।
पुलिस और खुफिया विभाग इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और संभावित आतंकी कनेक्शनों की जांच कर रहे हैं। पीड़िता को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी की कस्टडी में रखा गया है, और उसके बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए जाएंगे।








