बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ नेता दत्तात्रेय होसबोले के संविधान की प्रस्तावना से “धर्मनिरपेक्ष” और “समाजवादी” शब्दों को हटाने के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर संविधान के साथ कोई छेड़छाड़ की गई, तो उनकी पार्टी सड़कों पर उतरेगी और इसका पुरजोर विरोध करेगी। मायावती ने इस बयान को संविधान और बाबासाहेब अंबेडकर के सम्मान के खिलाफ माना, जो दलित और वंचित वर्गों के लिए महत्वपूर्ण है।








