रूस ने भारत को अपना पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट Su-57E ऑफर किया है, जो चीन और पाकिस्तान के लिए रणनीतिक चुनौती बन सकता है। इस डील में रूस ने पूर्ण टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, भारत में निर्माण, और भारतीय सिस्टम जैसे GaN-आधारित AESA रडार (उत्तम) और मिशन कंप्यूटर को शामिल करने का प्रस्ताव दिया है। Su-57E में स्टील्थ टेक्नोलॉजी, सुपरक्रूज क्षमता, हाइपरसोनिक हथियार, और उन्नत एवियोनिक्स हैं, जो इसे रडार से बचने और हवाई युद्ध में बेहद प्रभावी बनाते हैं। इसका सैटर्न AL-41F1 इंजन सुपरसोनिक गति बिना आफ्टरबर्नर के प्रदान करता है।
यह जेट भारत की वायुसेना को दक्षिण एशिया में मजबूत स्थिति दे सकता है, खासकर जब पाकिस्तान को चीन से J-35 स्टील्थ जेट मिलने की खबरें हैं, जो Su-57E की तुलना में कम क्षमतावान माने जाते हैं। हालांकि, भारत अपने स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहा है, लेकिन इसके तैयार होने में अभी समय लगेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि Su-57E का अधिग्रहण भारत की रक्षा क्षमता को तत्काल मजबूत कर सकता है।







