बिहार : कई जिलों में गंगा ने दिखाया रौद्र रूप

 नदी के पास वाले इलाकों में अंदर तक भरा पानी -त्राहिमाम की स्थिति

दीपक कुमार तिवारी

पटना। गंगा नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद पटना, भागलपुर, मुंगेर के गंगा तट पर बसे गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। इसी बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को सड़क मार्ग से पटना के आसपास गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का जायजा लिया। उन्होंने जेपी गंगा पथ के दीघा घाट से कंगन घाट तक गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के क्रम में जेपी गंगा पथ के कंगन घाट, गांधी घाट एवं कृष्णा घाट पर रूक कर गंगा नदी के आसपास के इलाकों की स्थिति को देखा और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। अशोक राजपथ को जेपी गंगा पथ से जोड़ने वाले कृष्णा घाट पर निर्माणाधीन पहुंच पथ की भी मुख्यमंत्री ने जानकारी ली और तेजी से निर्माण पूर्ण करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने पटना के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि गंगा नदी के किनारे वाले क्षेत्रों में बढ़ते जलस्तर को ध्यान में रखते हुए पूरी तरह अलर्ट रहें और सारी तैयारी पूर्ण रखें। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री गांधी सेतु होते हुए हाजीपुर पहुंचे तथा हाजीपुर में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने बाढ़ राहत शिविर में रह रहे लोगों से बातचीत कर वहां की व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली और अधिकारियों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के क्रम में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जल संसाधन विभाग पूरी तरह मुस्तैद रहे और लगातार मॉनिटरिंग करे। निचले इलाकों में जहां पानी बढ़ रहा है, संभावित परिस्थितियों पर पूरी नजर रखें।
उन्होंने कहा कि लोगों को दिक्कत नहीं हो, इसके लिए आपदा प्रबंधन विभाग सतत निगरानी करे। सरकार के खजाने पर पहला अधिकार आपदा पीड़ितों का होता है। उधर, भोजपुर जिले में बाढ़ ने भीषण तबाही मचाई है, जिले के पांच प्रखंड के सैकड़ो गांव जलमग्न हो चुके हैं। इन गांव का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह से टूट गया है सड़कों पर तीन से चार फीट पानी बह रहा है। आवागमन पूरी तरह से बंद हो गया है। खेतों में लगी फसल बर्बाद हो गई है। चारों तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा है। गांव के गांव टापू जैसे दिख रहे हैं। कई प्रखंड मुख्यालय से भी जिला मुख्यालय का संपर्क टूट गया है। लाखों की आबादी इस भीषण बाढ़ में तबाह हो गई है। लोग उच्च स्थान पर शरण लेने को मजबूर हैं।
वहीं प्रशासन के द्वारा राहत बचाव का भी कार्य किया जा रहा है कई जगह कम्युनिटी किचन चलाया जा रहे हैं। जिसमें लोगों को खाना खिलाया जा रहा है। वहीं जगह-जगह मेडिकल टीम की भी तैनाती की गई है। लोगों के आने जाने के लिए नावे भी लगाई गई है। आज भोजपुर के जिला पदाधिकारी ने बड़हरा प्रखंड के बबुरा, बखोरापुर, नेकनाम टोला समेत कई गांव का जायजा लिया जो पूरी तरह से पानी से घिर चुके हैं। वहीं जिला पदाधिकारी ने प्रशासन के द्वारा चलाए जा रहे राहत कार्यों को देखा। साथ ही उन्होंने हर गांव में मेडिकल टीम की तैनाती के साथ पशुओं के चारे समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं को सभी आपदा पीड़ित तक पहुंचाने का निर्देश दिया। भोजपुर जिले के शाहपुर और बड़हरा प्रखंड के कई गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। उसको लेकर जिला पदाधिकारी ने प्रभावित इलाकों का घूम-घूम कर जायजा लिया।
खगड़िया मे लगातार बाढ की स्थिति विकराल होते जा रही है। नदी के जलस्तर बढते ही कई इलाके में पानी लगातार फैलते जा रहा है। सबसे ज्यदा गोगरी और परबता प्रखंड बाढ से प्रभावित है। खगड़िया जिला प्रशासन के द्वारा आज से राहत शिविर के साथ साथ कम्यूनिटी किचेन की शुरुआत की गई है। खगड़िया डीएम अमित कुमार पांडेय खुद पदाधिकारी के साथ मिलकर गोगरी के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया और जगह-जगह पर रह रहे लोगो के लिए समुचित व्यवस्था का निर्देश दिया है। खगड़िया डीएम की माने तो पूरे जिले में 13 कम्युनिटी किचन की शुरुआत की जा रही है। बाढ़ से प्रभावित लोगों के बीच नाव और पॉलीथीन सीट बांटे जा रहे हैं। स्थिति काफी भयावह है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से राहत बचाव कार्य किए जा रहे हैं। जिला आपदा प्रबंधन विभाग को स्थिति पर नजर रखने का निर्देश जारी किया गया है।
इधर, राजधानी पटना के दानापुर से लेकर पटना सिटी तक आसमानी तस्वीर में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ गया है। गंगा घाट किनारे बसे लोगो के आशियाने डूब गए हैं तो वही सड़के भी दरिया में तब्दील हो गई है। दानापुर से लेकर पटना सिटी के कंगन घाट से ड्रोन कैमरे से ली गई तस्वीरों को देख सकते है कि चारों तरफ पानी ही पानी नज़र आ रहा है। वहीं जिला प्रशासन ने बाढ़ पीड़ित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है और उनके खाने-पीने का भी इंतजाम किया गया है। बाढ़ की ऐसी त्रासदी को देख लोग परेशान हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री के निरीक्षण के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। चारों तरफ व्यवस्था की जा रही है।

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