नई शिक्षा नीति छात्र केंद्रित
सुभाष चंद्र कुमार
समस्तीपुर पूसा। डॉ राजेन्द्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा में ऑनलाइन शिक्षा तथा ब्लेंडेड लर्निंग विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा, बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर, बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर तथा पशु विज्ञान विश्वविद्यालय पटना के प्रतिनिधियों ने भी शिरकत की।
कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए कुलपति डॉ पीएस पांडेय ने कहा कि नई शिक्षा नीति छात्र केंद्रित है और शिक्षा को सभी के लिए सुगम बनाती है। उन्होंने कहा कि आन लाइन माध्यम से शिक्षा, स्वयम पोर्टल तथा ब्लेंडेड लर्निंग आज के नये समय की मांग है, जिसे पूरा करने के लिए विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को हर तरह का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
यह कार्यशाला भी उसी की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला के महत्व को देखते हुए चार दूसरे विश्वविद्यालय ने भी अपने शिक्षकों को भेजा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यहां से जाने के बाद वे सब अपने विश्वविद्यालय के तकनीकी विकास में योगदान देंगे। कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ के रूप में हैदराबाद नार्म के डॉ जी आर रामकृष्णमूर्ति तथा आई आई टी मद्रास के विशेषज्ञ डॉ शिव शंकर दास शामिल हुए।
डा रामकृष्ण मूर्ति ने कहा कि कुलपति डॉ पांडेय जब सहायक महानिदेशक थे तो उन्ही के कार्यकाल में हैदराबाद में आन लाइन कोर्स पर काफी अच्छा कार्य हुआ था और उन्हें उम्मीद है कि इस विश्वविद्यालय में भी नये नये तकनीकों को शिक्षा के माध्यम के रूप में जल्द ही अपनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को आन लाइन माध्यम से शिक्षा देने के लिए नये तकनीक अपनाने की आवश्यकता है।
शिवशंकर दास ने कहा कि विश्वविद्यालय में डिजिटल एग्रीकल्चर के क्षेत्र में तेजी से कार्य हो रहा है जो देश भर के विश्वविद्यालय के लिए प्रेरित करने वाला है। उन्हें उम्मीद है कि कृषि शिक्षा में भी इसी तेजी से डिजिटल माध्यम को अपनाया जायेगा। निदेशक शिक्षा डा उमाकांत बेहरा ने नई शिक्षा नीति को लेकर विश्वविद्यालय में चल रहे प्रयासों की जानकारी दी और कहा कि जल्द ही विश्वविद्यालय में नये बदलाव देखने को मिलेंगे।
डीन पीजीसीए डा मयंक राय ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और कार्यशाला के उद्देश्य के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने यूजीसी के विभिन्न नियमों तथा अन्य पहलुओं के बारे में भी चर्चा की। संचालन डा सरवंती एवं धन्यवाद ज्ञापन वैज्ञानिक डा सतीश कुमार सिंह ने किया।
कार्यक्रम के दौरान निदेशक अनुसंधान डॉ ए के सिंह, डीन बेसिक साइंस डॉ अमरेश चंद्रा, डीन इंजीनियरिंग डॉक्टर अम्बरीष कुमार, डीन कम्युनिटी साइंस डॉ उषा सिंह, डीन मत्स्यकी महाविधालय ढोली डा पीपी श्रीवास्तव, वैज्ञानिक डा स्वेता मिश्रा, वैज्ञानिक डा विनीता सतपति, डॉ पीके प्रणव, डॉ जितेन्द्र कुमार, डॉ कुमार राज्यवर्धन, डॉ महेश कुमार, डॉ नीलांजय कुमार समेत विभिन्न वैज्ञानिक शिक्षक एवं पदाधिकारी मौजूद थे।






