एकेए प्लस टू स्कूल, अंडवस के दिवंगत शिक्षक के ईपीएफ का होना है भुगतान
राम विलास
राजगीर। प्रखण्ड के एकेए प्लस टू स्कूल, अंडवस के संस्कृत शिक्षक दयानाथ झा की मृत्यु के करीब 13 महीने बाद भी उनकी पत्नी को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में संचित राशि ( ईपीएफ) का भुगतान नहीं हुआ है। इस राशि की भुगतान के लिए वह दरदर की ठोकरें खा रही हैं। ईपीएफ राशि भुगतान हेतु वह डीईओ कार्यालय, नालंदा से लेकर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, पटना तक दौड़ लगा रही हैं, लेकिन उनकी कोई नहीं सुन रहा है।
स्वर्गीय दीनानाथ झा की पत्नी मीना नाग बताती हैं कि वे मधुमेह और उच्च रक्तचाप के मरीज थे। विद्यालय में क्लास लेने के दौरान 18.10.2022 को उनकी तबियत अचानक बिगड़ गयी। उन्हें इलाज के लिए पहले बिहारशरीफ फिर पटना और बाद में दिल्ली ले गये। इलाज के दौरान 12.12.2022 को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में उनका देहावसान हो गया था।
वह बताती हैं कि पति स्वर्गीय दीनानाथ झा के कर्मचारी भविष्य निधि संगठन में संचित ईपीएफ राशि के भुगतान के लिए उनके द्वारा 09.06. 2023 को डीईओ, कार्यालय, नालंदा में आवेदन जमा किया है। कुछ आपत्ति लगाकर डीईओ कार्यालय द्वारा उन्हें आवेदन वापस कर दिया गया था। पुनः विद्यालय की प्रभारी प्राचार्य डाॅ रेखा कुमारी के माध्यम से आवेदन 06.10. 2023 को डीईओ कार्यालय में जमा किया गया है।
तब से अबतक वह डीईओ कार्यालय, नालंदा और ईपीएफ कार्यालय, पटना के बीच दौड़ लगाते लगाते थक गयी हैं , लेकिन उनके पति के ईपीएफ राशि का भुगतान नहीं हो सका है। मीना नाग कहती हैं कि वह अबला महिला हैं। बेटा छोटा है। मेरी बात किसी स्तर पर नहीं सुनी जा रही है। उन्हें लगता है कि उनके आवेदन दस्तावेज के साथ छेड़छाड़ कर परेशान किया जा रहा है।
वह बताती हैं कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय, पटना के आयुक्त संजय कुमार से मिलकर अपनी बात रखने के लिए समय मांगी तो उनके निजी सहायक धर्मेन्द्र कुमार द्वारा काम जल्दी होने का आश्वासन देकर लौटा दिया गया। मीना नाग के अनुसार डीईओ कार्यालय, नालंदा और कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय, पटना द्वारा मांगी गयी सभी दस्तावेज उचित माध्यम से उपलब्ध करा दिया गया है। बावजूद उन्हें बार बार केवल आश्वासन का घूट पिलाया जा रहा है।







