राहुल गांधी के पॉलिटिकल करियर पर लगा सकता है ताला
रामनरेश / भवेश कुमार
पटना । लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल के सभी नतीजों ने मोदी सरकार को उखाड़ फेंकने की राहुल गांधी के ‘खटाखट खटाखट’और हाथ बदलेगा हालात मुहिम को चोट पहुंचाई है। अगर एग्जिट पोल के यही अनुमान 4 जून को अंतिम परिणाम में तब्दील होते हैं तो राहुल गांधी के राजनीतिक अस्तित्व पर बड़ा सवालिया निशान लग सकता है। कही ‘हाथ बदलेगा हालात, राहुल गांधी के हालात न बदल दे।
देश के लगभग सभी एग्जिट पोल के अनुमानों में कांग्रेस को बड़ा झटका लगता दिख रहा है। चुनाव विश्लेषकों की मानें तो इस चुनाव नतीजे के बाद आने वाले दिनों में राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठने शुरू हो जाएंगे।
कांग्रेस उस राज्य में भी पिछड़ती जा रही है, जहां बीजेपी से वह सीधे मुकाबले में है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात और असम जैसे राज्यों में एग्जिट पोल कांग्रेस के लिए निराशा लेकर आई है। इन सभी राज्यों में कांग्रेस ने उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं किया है. जबकि, इन राज्यों में लोकसभा की तकरीबन 200 सीटें हैं।
एग्जिट पोल के अनुमानों में कांग्रेस उन सभी सीटों पर बीजेपी से पिछड़ती दिख रही है, जहां बीजेपी से उसकी सीधी फायट है। इनमें से कई राज्यों में कांग्रेस ने हाल ही में सरकार बनाई है। राजनीतिक जानकारों की मानें तो लोकसभा का यह चुनाव इंडिया गठबंधन से कहीं ज्यादा राहुल गांधी के लिए जीवन-मरण का सवाल है।
पिछले कुछ सालों से राहुल गांधी ने उत्तर और पूर्व भारत के साथ-साथ दक्षिण भारत के राज्यों में खूब पदयात्राएं की थीं। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो राहुल गांधी का भारत जोड़ो यात्रा उत्तर और पूर्व से कहीं ज्यादा दक्षिण में सफल रहा था। लेकिन, लोकसभा चुनाव 2024 के एग्जिट पोल के नतीजे बता रहे हैं कि उत्तर और पूर्व छोड़ दीजिए कांग्रेस दक्षिण में भी चरमरा रही है या चरमरा चुकी है।
विश्लेशकों का मानना है कि तीसरी बार अगर कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहती है तो यह राहुल गांधी के लिए चिंता और चिंतन का विषय है। भारत जोड़ो यात्रा के दौरान उन्होंने जो अपना कद बनाया था उस पर भी बड़ा असर पड़ेगा। कांग्रेस के लिए निराशाजनक स्थिति है। क्योंकि, कांग्रेस ने बड़ा प्रचार किया और सधा हुआ प्रचार किया। उन्होंने वंशवाद जैसे मुद्दों को चुनाव से दूर किया।
मल्लिकार्जुन खरगे को कांग्रेस अध्यक्ष बनाया।
कर्नाटक में उनकी सरकार है फिर भी ऐसी स्थिति आने से निराशजनक लग रहा है।







