अभिजीत पाण्डेय
पटना । बिहार में भीषण गर्मी के चलते लगातार स्कूली बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।मौसम विभाग की मानें तो फिलहाल भीषण गर्मी और लू से बिहार के लोगों को राहत मिलने के आसार नहीं हैं। विभाग ने लोगों को सावधान रहने और बिना जरूरी काम के घरों से बाहर नहीं निकलने अपील की है। भीषण गर्मी में स्कूलों की टाइमिंग को लेकर बिहार में सियासत शुरू हो गयी है।
बुधवार को कई जिलों से बच्चों के बेहोश होने की खबरें सामने आई। बेगूसराय में 14 बच्चे बेहोश हो गए तो शेखपुरा दो दर्जन छात्राओं के बेहोश होने की सूचना है। भाजपा के एमएलसी नवल किशोर यादव ने भी शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
“केके पाठक मानसिक रूप से संतुलन खो चुके हैं। केके पाठक को ना बच्चों से लेना देना है ना शिक्षा से लेना देना है और ना ही शिक्षकों से लेना देना है। 4 जून के बाद मुख्यमंत्री जी से मेरा आग्रह होगा इनको कहीं मानसिक आरोग्यशाला में भेज दें, चिकित्सा कराएं।
वहीं एलजेपीआर प्रमुख चिराग पासवान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बिना नाम लिए शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक पर हमला किया है। चिराग पासवान ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यह एक गंभीर विषय है। इसको सरकार को गंभीरता से लेना चाहिए। अगर कहीं पर भी कोई लापरवाही है तो बिहार सरकार सुनिश्चित कर उसे दूर करे।
जिस तरीके से स्वाभाविक रूप से गर्मी बढ़ रही है, ऐसे में बच्चों के स्कूल में इस तरह की व्यवस्था होनी चाहिए की उन्हें परेशानी ना हो। उन्होने कहा छुट्टी की घोषणा होनी चाहिए और जो अधिकारी इसको लेकर बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, उसपर भी कार्रवाई होनी चाहिए।
इस बीच पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी ने कहा कि कम से कम छोटे बच्चों के सेहत का ख्याल रखा जाना चाहिए और उनको छूट दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा पूरी तरह से अधिकारी मनमानी कर रहे हैं । मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्कूल खुलने के लिए जो समय निर्धारित किया था, अधिकारी उस समय को भी नहीं मान रहे हैं। भीषण गर्मी में सरकारी विद्यालयों को खोल दिया गया है। जिस वजह से शिक्षकों के साथ-साथ छात्र छात्राएं भी परेशान हैं।








