विरोध की नकारात्मक राजनीति को ही अपना एजेंडा मान रहा महागठबंधन

अभिजीत पांडे
पटना। लोकसभा का चुनाव राष्ट्रीय स्तर पर होता है तो मुद्दे भी राष्ट्रीय स्तर के ही होने चाहिए। पर, कांग्रेस को छोड़ विपक्ष में तो ज्यादातर क्षेत्रीय पार्टियां ही शामिल हैं, उनके चिंतन-मनन की सीमा सूबे तक ही सीमित दिखती है।एनडीए ने नरेंद्र मोदी का चेहरा सामने किया है। विपक्ष में चेहरे को लेकर ही अंतर्द्वंद्व है। मोदी ने अपने एजेंडे सेट कर लिए हैं, जबकि विपक्ष विरोध की नकारात्मक राजनीति को ही अपना एजेंडा मान रहा है।

बिहार में लोकसभा चुनाव के प्रचार के लिए जहां एनडीए के तमाम नेता दो ही मुद्दों पर सिमटे हुए हैं- रोजगार और लालू-राबड़ी के जमाने का ‘जंगल राज’। एनडीए के नेता जंगल राज की पुनरावृत्ति से बचने की मतदाताओं को सलाह दे रहे तो बिहार में महागठबंधन के नेता इसे सर्वव्यापी बताने में अपनी ऊर्जा जाया कर रहे हैं। वे 17 महीने की महागठबंधन की सरकार में नौकरियों की बौछार पर लोगों को लुभा रहे हैं।

राष्ट्रीय मुद्दों पर लड़ा जाने वाला लोकसभा का चुनाव प्रचार बिहार में स्थानीय मुद्दों पर सिमट गया है। दरअसल क्षेत्रीय दलों के सामने राज्यों में अपने अस्तित्व बचाने की चुनौती है। इसलिए राष्ट्रीय स्तर पर उनका चिंतन संभव ही नहीं।पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए लोकसभा का चुनाव लड़ रहा है। एनडीए ने तीसरी बार भी मोदी के चेहरे को ही सामने रखा है।

ऐसे में मोदी जहां देश की तरक्की के लिए शुरू किए अपने तमाम कामों का उल्लेख करते हैं, वहीं उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि लोकसभा चुनाव में एनडीए का असली मुद्दा क्या है। भ्रष्टाचार और परिवारी राजनीति के अलावा उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा को सामने रखा है।नीतीश कुमार की पार्टी विधानसभा में कम सीटों के कारण कमजोर तो पड़ गई है, लेकिन यह भी सच है कि नीतीश कुमार का नरेंद्र मोदी की तरह ही अपना वोट बैंक है।

नीतीश ने आधी आबादी के लिए जितना काम किया है, दूसरे राज्यों में शायद ही उतना काम हुआ हो।पिछले डेढ़-दो साल में नीतीश कुमार के सीएम रहते बिहार में बड़े पैमाने पर सरकारी शिक्षकों की नियुक्तियां हुईं। यह क्रम अब भी जारी है। फर्क यही है कि नीतीश आदतन ढोल पीटने के बजायप चुपचाप महिलाओं, बच्चों और दलितों के उत्थान के लिए काम करते हैं।वैसे बाद में कई राज्यों ने नीतीश कुमार की नकल जरूर की।

विदित हो कि राज्य सरकार जो भी काम करती है, उसके श्रेय के वास्तविक हकदार मुख्यमंत्री ही होते हैं, न कि कोई मंत्री। तकरीबन 17-18 महीने नीतीश कुमार ने भाजपा छोड़ आरजेडी के साथ सरकार चलाई। इसी दौरान सरकारी नियुक्तियां भी अधिक हुईं। किन्तु अब तेजस्वी यादव कहते हैं कि उन्होंने 2020 के विधानसभा चुनाव के दौरान घोषणा पत्र में 10 लाख रोजगार देने की बात कही थी।

वे जब सरकार में शामिल हुए तो उस वादे पर अमल शुरू किया। यानी युवाओं को नौकरी देने के श्रेय के असली हकदार वे ही हैं। नीतीश कुमार और तेजस्वी के बीच इस बात को लेकर ऐसी जंग छिड़ी है कि राष्ट्रहित के मुद्दों पर चर्चा ही नहीं होती। लगता है कि दोनों विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं।

  • Related Posts

    Lalu Yadav News: न कोई गनमैन, न एस्कॉर्ट, बिना सुरक्षा के पटना की सड़कों पर निकले लालू यादव, मची हलचल
    • TN15TN15
    • June 10, 2026

    बिहार में इन दिनों जनता से जुड़े मुद्दों…

    Continue reading
    RJD को बड़ा झटका, शिवचंद्र राम ने दिया इस्तीफा, फूट-फूटकर रोए, कहा- ‘मैंने 3-4 दिन से…’

     बिहार में एमएलसी चुनाव के बीच लालू यादव…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    CJP पर संजय राउत का बड़ा दावा, ‘अभिजीत दीपके और प्रधानमंत्री की अमेरिका में मीटिंग हुई, फोटो…’

    • By TN15
    • June 11, 2026
    CJP पर संजय राउत का बड़ा दावा, ‘अभिजीत दीपके और प्रधानमंत्री की अमेरिका में मीटिंग हुई, फोटो…’

    क्या टीएमसी का कांग्रेस में होने जा रहा विलय? घंटों की बैठक के बाद हुआ ये बड़ा फैसला !

    • By TN15
    • June 11, 2026
    क्या टीएमसी का कांग्रेस में होने जा रहा विलय? घंटों की बैठक के बाद हुआ ये बड़ा फैसला !

    ‘ममता बनर्जी अगर अभिषेक के साथ तो मैं…’, कल्याण बनर्जी ने TMC प्रमुख को दे दिया अल्टीमेटम

    • By TN15
    • June 11, 2026
    ‘ममता बनर्जी अगर अभिषेक के साथ तो मैं…’, कल्याण बनर्जी ने TMC प्रमुख को दे दिया अल्टीमेटम

    सेक्टर 16, 17 एवं 18 की झुग्गी बस्तियों में चल रही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु ज्ञापन सौंपा

    • By TN15
    • June 11, 2026
    सेक्टर 16, 17 एवं 18 की झुग्गी बस्तियों में चल रही अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने हेतु ज्ञापन सौंपा

    पिता की पुण्यतिथि पर सचिन पायलट बड़ा सियासी संदेश, अशोक गहलोत का नाम लेकर कही मोहब्बत की दुकान 

    • By TN15
    • June 11, 2026
    पिता की पुण्यतिथि पर सचिन पायलट बड़ा सियासी संदेश, अशोक गहलोत का नाम लेकर कही मोहब्बत की दुकान 

    दिल्ली की 72 लाख में से सिर्फ 10 हजार इमारतों में सुरक्षा सिस्टम, अब अनिवार्य बनाने की तैयारी

    • By TN15
    • June 11, 2026
    दिल्ली की 72 लाख में से सिर्फ 10 हजार इमारतों में सुरक्षा सिस्टम, अब अनिवार्य बनाने की तैयारी