उलटा पड़ सकता है रमजान को लेकर इजरायल का फैसला

गाजा में युद्ध की शुरुआत होने के बाद से ही अल अक्सा मस्जिद में एंट्री पर पाबंदिया बढ़ा दी गई हैं। माना जा रहा था कि 10 मार्च से शुरू होने वाले रमजान के महीने में पाबंदियां कुछ कम कर ली जाएंगी, लेकिन उससे उलट ही फैसला लेते हुए इजरायल सरकार इनमें इजाफा करने जा रही है। इजरायली सेना के पूर्व अफसर डान हारेल ने कहा कि ऐसा कदम उठाना मूर्खता होगा। उन्होंने कहा कि इससे तो पूरे मुस्लिम वर्ल्ड में ही एक उबाल पैदा होगा। तो वहीं इजरायल के एक अरब मूल के सांसद वलीद अल्हवाशला ने सोशल मीडिया के जरिए कहा कि यदि पाबंदियां लगाई गईं तो फिर यह आग में घी डालने जैसा फैसला होगा। मुस्लिम मान्यता के अनुसार अल अक्सा मस्जिद ही वह जगह है, जहां से पैगंबर मुहम्मद जन्नत गए थे। इस मस्जिद में हर दिन हजारों मुस्लिम आते हैं और रमजान के महीने में तो आंकड़ा कहीं ज्यादा हो जाता है। हालांकि यह परिसर संवेदनशील रहा है और अकसर यहां अरबों एवं यहूदियों के बीच झड़पें होती रही हैं। इस्लाम में रमजान के महीने को पवित्र माना जाता है. इस साल रमजान की शुरुआत मार्च से होने वाली है। लेकिन उससे पहले इजरायल ने एक बड़ा फैसला लिया है जिससे दुनिया भर के मुसलमान भड़क सकते हैं. येरूशलम में स्थित अल अक्सा मस्जिद में एंट्री पर पाबंदियों को लेकर इजरायल सरकार सोच विचार कर रही है। इस मस्जिद और उसके आसपास के परिसर पर इस्लाम, यहूदी और ईसाई मत के अनुयायियों के अलग-अलग दावे हैं। खासकर इस्लाम के लोगों का मानना है कि यहां पैगंबर मोहम्मद ने अपना आखिरी वक्त गुजारा था और यहीं से जन्नत गए थे। वहीं यहूदी इसके एक हिस्से को डोम ऑफ रॉक कहते हैं। PM बेंजामिन नेतन्याहू की ओर से दिए गए बयान में कहा गया कि इस संबंध में एक फैसला ले लिया गया है। हालांकि उन्होंने अब तक यह नहीं बताया है कि क्या फैसला लिया गया है। वहीं इस मामले से जुड़े कुछ अधिकारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर कहा कि आखिरी निर्णय मस्जिद की सुरक्षा में लगी एजेंसियों की सिफारिशों के बाद लिया जाएगा। इजरायली कैबिनेट की रविवार को मीटिंग हुई थी, जिसमें इस बात पर मंथन हुआ कि कैसे अल अक्सा मस्जिद में एंट्री से अरबों को जाने से रोका जाए। इजरायल की ओर से पहले ही मस्जिद में एंट्री को लेकर कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं। खासकर रमजान के महीने में पाबंदियां काफी हद तक हटा ली जाती हैं, लेकिन इस बार उलटे इजाफा ही हो सकता है।

  • Related Posts

    भारत में समंदर किनारे दबा था दुनिया का पहला बंदरगाह, 4000 साल तक यूरोप में भी नहीं था ऐसा पोर्ट, इतिहासकार ने खोली अंग्रेजों की झूठ की पोल
    • TN15TN15
    • July 22, 2026

    नई दिल्ली। अरसे से पश्चिम के इतिहासकार इस…

    Continue reading
    आखिर क्यों बलूचिस्तान को नहीं छोड़ना चाहता पाकिस्तान?
    • TN15TN15
    • July 15, 2026

    पाकिस्तान के सबसे अशांत और आर्थिक रूप से…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    वैभव सूर्यवंशी को युवराज सिंह से लेनी चाहिए ट्रेनिंग : योगराज सिंह

    • By TN15
    • July 27, 2026
    वैभव सूर्यवंशी को युवराज सिंह से लेनी चाहिए ट्रेनिंग : योगराज सिंह

    लोकसभा में पेपर लीक वाला बिल पेश, रिजिजू बोले- जो MP चर्चा नहीं चाहते, होगा एक्शन  

    • By TN15
    • July 27, 2026
    लोकसभा में पेपर लीक वाला बिल पेश, रिजिजू बोले- जो MP चर्चा नहीं चाहते, होगा एक्शन  

    अब गडकरी का नंबर! मैदान में आए केजरीवाल!

    • By TN15
    • July 27, 2026
    अब गडकरी का नंबर!  मैदान में आए केजरीवाल!

    बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर CJP की दो टूक, ‘भरोसे को…’

    • By TN15
    • July 27, 2026
    बिहार में प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी पर CJP की दो टूक, ‘भरोसे को…’

    युवाओं की ऐतिहासिक जीत – तानाशाही की हार, लोकतंत्र ताकतवर हुआ!

    • By TN15
    • July 27, 2026
    युवाओं की ऐतिहासिक जीत – तानाशाही की हार, लोकतंत्र ताकतवर हुआ!

    नारायणी साहित्य अकादमी ने आयोजित किया नामवर अभिनंदन शताब्दी समारोह!

    • By TN15
    • July 27, 2026
    नारायणी साहित्य अकादमी ने आयोजित किया नामवर अभिनंदन शताब्दी समारोह!