अवदीवका शहर में हर तरफ लाशें ही लाशें, घायलों को जिंदा जलाने का आदेश, रूस से हार के बाद यूक्रेनी सेना में हाहाकार 

कीव। कुछ भी हो जिंदा आदमी को जलाया तो नहीं जा सकता है। रूसी सेना ने यूक्रेन के शहर अवदिवका पर कब्जा कर लिया है। रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू ने शनिवार को अवदीवका शहर पर पूर्ण नियंत्रण का ऐलान किया था। कीव के सैन्य प्रमुख की ओर से भी ये स्वीकार किया गया था कि यूक्रेनी सेना अवदीवका से हट गई है। अवदीवका लंबे समय तक कीव और मॉस्को के बीच युद्ध की अग्रिम पंक्ति में था। दो साल पहले यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद भी कई महीनों तक वहां भयंकर लड़ाई हुई। यूक्रेनी सेना ने शनिवार को शहर छोड़ा तो जो मैसेज सैनिकों की ओर से भेजे गए, वो हालात की भयावहता को दर्शाते हैं।

सीएनएन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक सैनिक को आदेश दिया गया था कि 300 घायलों को छोड़ दो और सब कुछ जला दो। रूसी सैनिकों के अवदीव्का पर अपना झंडा फहराने के बाद उन घायल सैनिकों की एक भयावह कहानी सामने आई है जो भागने में असफल रहे और मारे गए। वहां यूक्रेनी सैनिक 110वीं सेपरेट मैकेनाइज्ड ब्रिगेड का हिस्सा थे, जो जेनिट नामक पद पर थे। पिछले सप्ताह जैसे ही रूसी सेना अवदीव्का के माध्यम से आगे बढ़ी, जेनिट पर भारी हमला हुआ। वहां तैनात सैनिकों में से एक विक्टर बिलियाक के अनुसार सैनिकों ने शहर के खंडहरों में खुद को बचाने के प्रयास किए।

‘सड़क लाशों से पटी पड़ी थी’

बिलियाक ने कहा, बहुत भयावह हालात थे। वहां से जिंदा निकलना एक चुनौती था, घने अंधेरे में कुछ भी नहीं दिख रहा था। दुश्मन की तोपें करीब आ रही थीं और अवदीवका की सड़क यूक्रेनियों की लाशों से भरी हुई थी। आखिरकार एक कमांडर ने उन्हें रेडियो पर सूचित किया कि घायलों को बाहर नहीं निकाला जाएगा। उनको छोड़ने की निराशा हमेशा हमारे साथ रहेगी। उनको भुलाया नहीं जा सकेगा।

 

अवदीवका में फंसे हुए लोगों में निप्रॉपेट्रोस क्षेत्र का एक 30 वर्षीय जूनियर सार्जेंट और लड़ाकू चिकित्सक इवान जाइटनिक भी शामिल था। वह 110वीं ब्रिगेड में दो साल से अवदीवका में लड़ रहा था। बुरी तरह घायल होने के बाद उसने वीडियो कॉल पर अपनी बहन कैटरीना के साथ बात की। कैटरीना अपने भाई से पूछती है, क्या आपके लोग भी वहां हैं या आप अकेले हैं? जाइटनिक ने जवाब दिया: हर कोई चला गया, हर कोई पीछे हट गया। हमें बताया कि एक कार हमें ले जाएगी। मेरे दो पैर टूटे हुए हैं, मेरी पीठ में छर्रे लगे हैं। मैं कुछ नहीं कर सकता। कैटरीना ने पूछा कि तुम कैसे निकलोगे, किसको फोन करना है। इस पर जाइटनिक ने रोते हुए कहा कि पता नहीं कोई आएगा भी नहीं।

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