चीन से पहले भारत के दिल्ली में आना चाहते हैं राष्ट्रपति मुइज्जू !

भारत और मालदीव के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू जल्द ही भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। मालदीव ने इस महीने के अंत में राष्ट्रपति मुइज्जू की भारत यात्रा का प्रस्ताव रखा है। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में लक्षद्वीप की यात्रा की थी। पीएम मोदी ने यहां के समुद्र तट से अपनी तस्वीरें भी शेयर कीं और लोगों से विदेश की बजाय देश में ही घूमने की अपील की। इसे सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने मालदीव के लिए एक झटका बताया। इसके बाद वहां के मंत्रियों ने भारत के खिलाफ विवादित कमेंट करने शुरू कर दिए।

मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से लगातार पटरी से उतरते दिख रहे भारत-मालदीव के रिश्तों के लिए इन बयानों को बड़ा झटका बताया जा रहा है। कई बॉलीवुड सेलिब्रिटी और आम लोग इसे लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर #Bycott Maldives ट्रेड कर रहा है। इस बीच मालदीव सरकार इस नुकसान की भरपाई की कोशिश में जुट गई है। राष्ट्रपति मुइज्जू ने पिछले साल नवंबर में पदभार संभाला था। सत्ता में आने के बाद से वह अब तक तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और चीन का दौरा कर चुके हैं। जबकि इससे पहले मालदीव के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति सबसे पहले भारत की यात्रा करते थे। मुइज्जू सरकार के मंत्रियों की अपमानजनक टिप्पणियों पर मौजूदा राजनयिक संकट पैदा होने से पहले यह यात्रा प्रस्तावित थी, लेकिन वह भारत नहीं आए . राष्ट्रपति मुइज्जू इस समय चीन की एक सप्ताह की यात्रा पर हैं। मालदीव सरकार ने पहले एक बयान जारी कर भारत और PM मोदी के खिलाफ अपने मंत्रियों की विवादित टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया है। इसके बाद मालदीव सरकार ने विवादित बयान देने वाले तीन मंत्रियों को निलंबित कर दिया।
मुइज्जू सरकार के मंत्रियों की ओर से पीएम नरेंद्र मोदी और भारत के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी से पहले ये यात्रा प्रस्तावित थी। राष्ट्रपति मुइज्जू ने अपना चुनाव प्रचार भारत विरोध के नाम पर किया है। सत्ता में आने के बाद ही उन्होंने सबसे पहले भारत से अपने सैनिकों को वापस बुलाने को कहा था। अब भारत और मालदीव के बीच संबंध मुइज्जू के मंत्रियों के कारण बेहद खराब हो रहे हैं।

मालदीव ने भारत से खराब कीये थे रिश्ते

मालदीव की आबादी 5.2 लाख है। यहां राष्ट्रपति मुइज्जू ने अपना चुनाव प्रचार भारत विरोध के नाम पर किया है। सत्ता में आने के बाद ही उन्होंने भारत से अपने सैनिकों को वापस बुलाने को कहा था। इसके अलावा मोहम्मद मुइज्जू की सरकार ने भारत के साथ हाइड्रोग्राफिक समझौते को नवीनीकृत नहीं किया है। हालांकि अब भारत और मालदीव के बीच संबंध मुइज्जू के मंत्रियों के कारण खराब हो रहे हैं। जबसे PM मोदी लक्षद्वीप गए थे। उनकी इस यात्रा पर मालदीव के मंत्रियों ने आपत्तिजनक कमेंट किए थे, जिसके बाद से ही दोनों देशों में तनाव है।

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