Bihar Politics : एक साथ तीन मोर्चे पर लड़ना पड़ रहा है नीतीश कुमार को 

चरण सिंह राजपूत 

ललन सिंह को अध्यक्ष पद से क्यों हटाने जा रहे हैं नीतीश कुमार ? ललन सिंह किस पार्टी से लोकसभा चुनाव लड़ने की भिड़ा रहे हैं जुगत ? क्या बिहार में बदलने जा रहे हैं राजनीतिक समीकरण ? क्या जार्ज फर्नांडीज, शरद यादव और उपेंद्र कुशवाहा का रास्ता अपनाएंगे ललन सिंह ? क्या अपना संगठन नहीं संभाल पा रहे हैं नीतीश कुमार ? क्या लालू प्रसाद से अलग हो सकते हैं सुशासन बाबू ? इंडिया गठबंधन पर क्या असर डालेंगे बिहार के बदलते समीकरण ? आइये आपको बताते हैं कि बिहार की राजनीति में क्या होने वाला है और इसका इंडिया गठबंधन पर क्या असर पड़ेगा ?

केंद्र की सत्ता से बीजेपी को बेदखल करने का दंभ भर रहे नीतीश कुमार खुद अपने ही संगठन में उलझ जा रहे हैं। भले ही जदयू नेता विपक्ष को लामबंद करने का श्रेय नीतीश कुमार को दे रहे हों पर खुद उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह लालू प्रसाद की पार्टी से चुनाव लड़ने की जुगत भिड़ा रहे हैं। ललन सिंह के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव से सटने पर नीतीश कुमार उनसे बहुत नाराज हैं। दरअसल ललन सिंह को नीतीश कुमार का सबसे करीबी माना जाता है। ललन सिंह को नीतीश कुमार तेजस्वी यादव से सटने की सजा देने वाले हैं।
29 तारीख को दिल्ली में होने वाले जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में ललन सिंह को राष्ट्रीय पद से हटाया जा सकता है। संगठन में कोई बाद न लेने वाले नीतीश कुमार खुद जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं। दरअसल ऐसी जानकारी मिल रही है कि ललन सिंह मुंगेर से चुनाव लड़ने के लिए तेजस्वी यादव से सट रहे हैं। जदयू से न लड़कर यदि ललन सिंह राजद से चुनाव लड़ने की फिराक में हैं तो स्वाभाविक है कि नीतीश कुमार उनसे नाराज होंगे। वैसे भी नीतीश कुमार अपना कार्यकाल लालू प्रसाद यादव के कार्यकाल से अच्छा बता चुके हैं।
ऐसे में प्रश्न उठता है कि जब नीतीश कुमार से अपना संगठन नहीं संभल रहा है तो फिर इंडिया गठबंधन को वह क्या संभालेंगे ? दरअसल नीतीश कुमार इंडिया गठबंधन की ओर से प्रधानमंत्री पद का दावेदार बनना चाहते हैं। यही वजह रही कि जब टीएमसी चीफ ममता ममता बनर्जी ने विपक्ष की ओर से प्रधानमंत्री पद के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम प्रस्तावित किया तो नीतीश कुमार उखड़ गये और मीटिंग के खत्म होते ही पटना रवाना हो गये। हालांकि कांग्रेस सांसद राहुल के फोन कर उन्हें मनाने की बात सामने आ रही है।

दरअसल नीतीश कुमार को तिहरे मोर्चे पर लड़ना पड़ रहा है। एक ओर बिहार में लालू प्रसाद यादव सीटों का बंटवारा करने को  तैयार नहीं तो दूसरी ओर खुद उनके नेता राजद से चुनाव लड़ने की जुगत भिड़ा रहे हैं। तीसरा जिन दलों को उन्होंने बीजेपी के खिलाफ लड़ने के लिए लामबंद किया वे ही दल उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार नहीं बना रहे हैं। नीतीश कुमार को मलाल है कि उन्होंने ही आगे बढ़कर कांग्रेस नेतृत्व राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। दिल्ली में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल को साधा। पश्चिमी बंगाल में टीएमसी चीफ ममता बनर्जी से मिले। तमिलनाडु में डीएमके मुखिया एमके स्टालिन को मनाया।  झारखंड में झामुमो नेता हेमंत सोरेन से मिले। उत्तर प्रदेश में सपा मुखिया अखिलेश यादव से मिले।
यह सब प्रयास नीतीश कुमार ने इसलिए किया था कि वह प्रधानमंत्री पद का खुद उम्मीदवार बनना चाहते हैं। इंडिया गठबंधन की पहली मीटिंग भी उन्होंने पटना में रखी थी। अब जब प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की बात आई तो ममता बनर्जी ने मल्लिकार्जुन खड़गे का नाम आगे कर दिया। नीतीश कुमार एक परेशानी यह भी है कि उनकी सहयोगी पार्टी राजद के मुखिया लालू प्रसाद यादव ने अभी तक सीटों के बंटवारे पर अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
दरअसल नीतीश कुमार जब 2009 में बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़े थे तो 20 सीटें जीते थे और 2014 के लोकसभा चुनाव में जब उनकी बीजेपी से बिगड़ गई तो मात्र 2 सीटें मिली थी। 2019 के लोकसभा में जब वह फिर एनडीए से चुनाव लड़ तो उनकी सीटें 16 हो गई। अब 2024 का लोकसभा चुनाव वह लालू प्रसाद के साथ मिलकर लड़ने जा रहे हैं। कांग्रेस और वामपंथी दलों को अलग से सीटें देनी हैं।
दरअसल नीतीश कुमार 2019 के लोकसभा चुनाव के परिणाम के आधार पर सीटें चाहते हैं तो लालू प्रसाद यादव उन्हें विधायकों के आधार पर सीटें देना चाहते हैं। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि नीतीश कुमार को यदि ज्यादा दबाया गया तो वह फिर से एनडीए में भी जा सकते हैं। वैसे भी बीजेपी का कोई बड़ा नेता नीतीश कुमार पर सीधा हमला नहीं बोल रहा है।

  • Related Posts

    यूजीसी एक्ट और आरक्षण में वोटबैंक की राजनीति तलाश रही बीजेपी!
    • TN15TN15
    • August 22, 2026

    यूजीसी एक्ट से एससी एसटी-ओबीसी वर्ग के छात्रों…

    Continue reading
    अभिजीत दीपके की चेतावनी, ‘…तो मैं खुद जयपुर आऊंगा’
    • TN15TN15
    • August 21, 2026

    कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    निशांत कुमार संभालेंगे नेतृत्व! नीतीश की विरासत पर दावा ठोकने वाले उपेंद्र कुशवाहा को JDU से मिला सियासी जवाब

    • By TN15
    • August 22, 2026
    निशांत कुमार संभालेंगे नेतृत्व! नीतीश की विरासत पर दावा ठोकने वाले उपेंद्र कुशवाहा को JDU से मिला सियासी जवाब

    जयपुर: NTA की एक और परीक्षा में गड़बड़ी! बिजली गुल होने से नहीं चले कंप्यूटर

    • By TN15
    • August 22, 2026
    जयपुर: NTA की एक और परीक्षा में गड़बड़ी! बिजली गुल होने से नहीं चले कंप्यूटर

    आरोप और इस्तीफे की मांग पर बोले मनन मिश्रा- ‘बेतुकी और बकवास बातें…’

    • By TN15
    • August 22, 2026
    आरोप और इस्तीफे की मांग पर बोले मनन मिश्रा- ‘बेतुकी और बकवास बातें…’

    श्रीकृष्ण की शरण में एक्ट्रेस स्नेहा वाघ, टूटी 2 शादियों के बाद चुना आध्यात्म, बोलीं- इंसानों की जरूरत नहीं

    • By TN15
    • August 22, 2026
    श्रीकृष्ण की शरण में एक्ट्रेस स्नेहा वाघ, टूटी 2 शादियों के बाद चुना आध्यात्म, बोलीं- इंसानों की जरूरत नहीं

    पाकिस्तान में बढ़ा मुनीर का दबदबा, नई मिलिट्री कमांड में मिली ‘सारी ताकत’, क्या भारत के लिए चिंता का सबब

    • By TN15
    • August 22, 2026
    पाकिस्तान में बढ़ा मुनीर का दबदबा, नई मिलिट्री कमांड में मिली ‘सारी ताकत’, क्या भारत के लिए चिंता का सबब

    कल से एक्शन में दिखेंगे वैभव सूर्यवंशी, चौकों-छ्क्कों की लगाएंगे झड़ी?

    • By TN15
    • August 22, 2026
    कल से एक्शन में दिखेंगे वैभव सूर्यवंशी, चौकों-छ्क्कों की लगाएंगे झड़ी?