संघर्षो से भरा था सतीश कौशिक का जीवन

फिल्म इन्डस्ट्री से एक बेहद ही दुखद खबर सामने आ रही है। दरसअल सतीश कौशिक का हार्ट अटैक आने से निधन हो गया है। बता दे सतीश कौशिक दिल्ली के गुड़गांव में अपने किसी परिजन से मिलने गए थे लौटते वक्त उन्हें गाड़ी में हार्ट अटैक आया और उनकी मृत्यु हो गई। उनकी उम्र 66 साल की थी। सतीश एक जिंदा दिल अभिनेता तो थे ही साथ ही बेहतरीन डायरेक्टर और प्रोड्यूसर भी थे।

हरियाणा के एक छोटे गांव में हुआ था जन्म

सतीश कौशिक ने बॉलीवुड में करीब तीन दशक बिताए। उन्होंने इस इन्डस्ट्री में पूरी शिद्दत के साथ काम किया। आपको बता दे सतीश कौशिक का जन्म 13 अप्रैल 1956 को हरियाणा के महेंद्रगढ़ में हुआ था। उन्होंने स्कूली पढ़ाई भी दिल्ली से ही पूरी की। किरोड़ीमल कॉलेज से ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में एडमिशन लिया। सतीश कौशिक को बचपन से ही एक्टिंग को बेहद शौक था। महान कॉमेडियन महमूद की फिल्में ये बेहद ही शौक से देखा करते थे। महमूद साहब की अदाकारी उन्हें इतनी पसंद थी कि उनके सीन्स को ये अकेले में खुद करने की कोशिश किया करते थे। nsd से पढ़ाई पूरी करने के बाद सतीश कौशिक ने दिल्ली में ही कुछ दिनों तक नाटको मे भाग लिया।

कैसे तय किया मुबंई तक का सफर

सतीश कौशिक की एक्टिंग से उनकी फैमली काफी परेशान थी जिस को लेकर कई बार उनके भाई ने इन्हें मारा-पीटा भी था। लेकिन इन्होंने फिर भी हार नहीं मानी और फाइनली ये मुंबई आ गए। शुरूआती दिनों में इन्हें भी अन्य लोगों की तरह काफी संघर्ष करना पड़ा। वही सतीश के भाई ने इनकी नौकरी एक मिल में लगवा दी। सतीश ने भी खर्चे चलाने के लिए नौकरी जॉइन कर ली।इस नौकरी से समय निकाल कर सतीश नाटको में भी काम करते रहते थे। सतीश कौशिक ने साल 1983 में आई फिल्म मासूम से बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम किया था ।लेकिन उन्हे असली पहचान मिलीं साल 1987 में आई फिल्म मिस्टर इंडिया से। इस फिल्म में भला इनके कैलेंडर के किरदार को कौन भूल सकता है। इसके बाद इन्हें एक से बढ़कर एक कॉमेडी रोल मिलने लगे। इसके बाद इन्हें कल्ट फिल्म जाने भी यारों में अभिनय के साथ-साथ डायरेक्शन में भी हाथ आजमाने का मौका मिला। अपने लंबे करियर में उन्होंने करीब 100 फिल्मों में काम किया होगा।

सतीश कौशिक के परिवार में कौन-कौन

सतीश कौशिक के परिवार में उनकी पत्नी और बेटी है। बेटे की मौत मात्र 2 साल की उम्र में हो गई थी। जिसका उन्हें गहरा सदमा भी लगा था। अभी सतीश कौशिक के परिवार में उनकी बीबी शशि कौशिक और बेटी वंशिका हैं। जिनके लिए वे करोड़ों की संपत्ति छोड़कर गए हैं। अनुपम खेर और अनिल कपूर सतीश कौशिक के जिगरी यार थे। हर मुश्किल कदम पर वे एक-दूसरे का साथ देते थे। कई फिल्मों में इन्होंने साथ काम भी किया है।

एक्टिंग के हुनर ने बनाया करोड़पति

सतीश कौशिक के व्यक्तित्व की बात करें तो उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा के जरिए बॉलीवुड में सफलता हासिल की थी. इस हुनर ने ही उन्हें करोड़पति बनाया था और उनके नाम पर आज करीब 40 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति है. अब उनकी इस संपत्ति के हकदार उनकी पत्नी और बेटी होंगे, जो कि फिलहाल सतीश के अचानक निधन से शोक में हैं. वही सतीश कौशिक के निधन पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट करते हुए दुख व्यक्त किया है। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि्, “भारतीय सिनेमा, कलात्मक कृतियों और प्रदर्शनों में उनके योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। उनके शोक संतप्त परिवार और अनुयायियों के प्रति मेरी संवेदना, ओम शांति।”

सतीश कौशिक के यादगार किरदार

साजन चले ससुराल (1996)

सतीश कौशिक ने यूं तो हर किरदार का रोल बखूबी निभाया है लेकिन यादगार किरदार की अगर बात करे तो डेविड धवन की फिल्म साजन चले ससुराल को कैसे भुलाया जा सकता है. फिल्म में गोविंदा, तब्बू और करिश्मा कपूर लीड रोल में थे . लेकिन मुत्थू स्वामी के किरदार में नजर आए सतीश कौशिक एकदम से जेहन में रच-बस जाते हैं.

राम लखन (1989)

सुभाष घई की सुपरहिट फिल्म में अनुपम खेर और सतीश कौशिक की जुगलबंदी को खूब पसंद किया गया था. इसमें जिस तरह की कॉमेडी उन्होंने काशीराम के किरदार में पिरोई थी, वह चेहरे पर स्वाभाविक मुस्कान ले आती है.

मिस्टर ऐंड मिसेज खिलाड़ी (1997)

फिल्म को डेविड धवन ने डायरेक्ट किया और इसमें अक्षय कुमार और जूही चावला लीड रोल में थे. फिर चंदा मामा की गीली पुच्ची को कैसे भुलाया जा सकता है. यह किरदार सतीश कौशिक ने ही निभाया था। कॉमेडी से भरपूर उनके इस किरदार को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

 

 

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