Salute to the Spirit : प्रेगनेंसी के दौरान घर से 400 किलोमीटर दूर एग्जाम देने और बच्चा होने पर भी एग्जाम पूरा कर महिला ने कायम की मिसाल 

शिवानी मांगवानी 

भले ही कितने छात्र परीक्षा देने से बचने के लिए तरह-तरह के बहाने ढूंढते हों पर कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने कैरियर के प्रति इतने गंभीर होते हैं कि कितनी भी परेशानियां आ जाएं पर अपनी परीक्षा नहीं छोड़ते हैं। ऐसे ही जज्बे को संजाये रखे हुए थी लक्ष्मी नाम की यह महिला जिसे प्रेगनेंसी होने वाली थी। इस महिला न केवल प्रेगनेंसी के दौरान 400 किलोमीटर दूर जाकर परीक्षा दी बल्कि डिलीवरी के अगले दिन भी परीक्षा देने गईं। इस महिला ने ऐसे ही एम्बुलेंस में बीएड की परीक्षा दी। जिस परिस्थिति में महिलाएं आराम कर रही होती हैं, ऐसे में इस महिला ने परीक्षा देकर एक मिसाल कायम की है। इस महिला के जज्बे को सलाम! सराहना इस महिला के ससुराल वालों की भी होनी चाहिए। जिन्होंने इन परिस्थिति में भी इस महिला का न केवल साथ दिया बल्कि उसकी हौसलाअफजाई भी की।

दरअसल मामला राजस्थान के झुंझुनूं जिले का है। जहां लक्ष्मी नामक महिला ने ने जब एक  लड़की को जन्म दिया तो चर्चा का विषय बन गया। आप सोच रहे होंगे कि इसमें ऐसा अलग क्या है ? यह बच्चा कोई अनोखा थोड़े ही पैदा हुआ है। दरअसल यह मामला आम डिलीवरी से काफी अलग है। यह तो सब जानते हैं कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाएं काफी वीक होती हैं और महिलाएं इस दौरान काफी मुश्किल से भरे समय से गुजरती हैं। ऐसे में जहां महिलाओं को एक अच्छे रेस्ट की जरूरत होती है तो वहीं राजस्थान झुंझुनूं की लक्ष्मी ने सबको चौंका दिया, क्योंकि महिला अपनी डिलीवरी से ठीक 15 घंटे पहले अपना एग्जाम देकर आयी जो काफी ही हैरान करने देने वाला है साथ ही जहां महिला से डिलीवरी से 15 घंटे पहले एग्जाम दिया तो वहीं महिला का फिर अगले दिन एग्जाम था, लेकिन जच्चा-महिला ने जब भी हिम्मत नहीं हारी और वह डिलीवरी के अगले दिन ही अपना एग्जाम देने गयी।

बता दें कि ये जांबाज महिला बीएड फर्स्ट ईयर की छात्रा है और अपने बीएड के एग्जाम देने अपने घर से 400 किलोमीटर दूर झुंझुनू के सूरजगढ़ एंबुलेंस से पहुंची थी, जिसको देखकर हर कोई हैरान है, क्योकि जिस समय में महिलाएं आराम करती हैं  तो वहीं ये महिला उनके लिए मिसाल बन गई है। साथ ही महिला ने अपने बाकी के सारे एग्जाम ऐसे ही एंबुलेंस में लेटकर दिए। वहीं इस अवस्था में छात्रा का कॉलेज वालों ने भी साथ दिया और उसे ऐसे एग्जाम देने कि अनुमति भी दी वही जब महिला से इस बारे में पूछा गया तो महिला ने बताया कि वह एक शिक्षिका बनना चाहती है जिसकी वजह से वह कड़ी मेहनत करती है साथ ही इस सपने को पूरा करने के लिए महिला का पति भी उसे पूरा सपोर्ट करता है। तो आपने देखा कि कुछ लोग बिना किसी परेशानी के भी पड़ना नहीं चाहते और एक इस महिला जैसे लोग है जो भारी परेशानियों के बाद भी अपने सपने पूरा करने के लिए जी जान लगा देते है।

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