देवेंद्र सिंह राणा ने दावा किया है कि 2014 में भाजपा के साथ सरकार बनाने के लिए फारूक अब्दुल्ला ने उन्हें दिल्ली भेजा था।
द न्यूज 15
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में राजनीतिक दांवपेंच अपने कमाल दिखा रहे हैं। द कश्मीर फाइल्स फिल्म को लेकर चर्चित चल रहे जम्मू कश्मीर में अब भाजपा नेता एनसीपी के बारे में बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया है। दरअसल भाजपा के वरिष्ठ नेता देवेंद्र सिंह राणा ने दावा किया है कि 2014 में जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद जब किसी राजनीतिक पार्टी को विधानसभा में स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भाजपा के साथ मिलकर जम्मू कश्मीर में सरकार बनाने का प्रयास किया था। हालांकि पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने उनके इस दावे से साफ इंकार किया है।
राणा का कहना है कि 2014 के विधानसभा चुनाव के दौरान मुफ्ती साहिब ने जम्मू कश्मीर में भाजपा को सत्ता से दूर रखने को लेकर वोट मांगे थे और पूरा चुनाव भाजपा के खिलाफ लड़ा था, फिर बाद में उन्होंने भाजपा के साथ ही सरकार बना ली। आगे उन्होंने कहा कि 2014 में मुझे दिल्ली भेजा गया और कहा भाजपा को मनाओ कि हमारे साथ सरकार बनाएं। सरकार बनाने के लिए यदि अगर भाजपा से हाथ मिलाना पड़ता तो हम तैयार हैं।
उधर नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि भाजपा के साथ सरकार बनाने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। 2014 में जम्मू कश्मीर की जनता ने उन्हें (भाजपा) सरकार से बाहर रखने के लिए वोट किया था लेकिन पीडीपी ने उनके साथ मिलकर सरकार बना ली। हालांकि उन्होंने इससे सहमत न होने की बात कही।
भाजपा से पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस में थे: दरअसल देवेंद्र सिंह राणा 2011 में जम्मू संभाग के नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और पूर्व जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के राजनीतिक सलाहकार भी रह चुके हैं। 2014 में जम्मू संभाग में नेशनल कॉन्फ्रेंस ने केवल तीन सीट जीती थी, जिसमें नगरोटा सीट से राणा ने जीत दर्ज की थी। उनके अलावा कमल अरोरा ने बिश्नाह से और जावेद अहमद राणा ने मेंधर से जीत दर्ज की थी । पिछले साल राणा और अरोरा भाजपा में शमिल हो गए थे।








