दूसरा गत 1 फरवरी के केंद्रीय बजट में 8 वें वेतन आयोग के लिए कोई वित्तीय प्रावधान नहीं किया गया, जो इसके लागू होने में देरी का संकेत देता है। वित्त मंत्रालय ने रक्षा, गृह मंत्रालय और कार्मिक विभाग से सुझाव मांगे हैं, जिसके बाद ही आयोग का काम शुरू होगा। तीसरा, सरकारी प्रक्रियाओं की धीमी गति और वित्तीय दबाव भी देरी का कारण हैं। 7वें वेतन आयोग को गठन से लागू होने में दो साल लगे थे, और उसी पैटर्न को देखते हुए जनवरी 2026 की समयसीमा मुश्किल लगती है।
हालांकि, कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है। देरी होने पर सरकार एरियर (arrears) के रूप में बकाया राशि दे सकती है, जैसा कि पहले भी हुआ है। सिफारिशों की तारीख 2026 के अंत या 2027 की शुरुआत तक बढ़ सकती है।






