बिहार के 2735255 बच्चों के पास नहीं है आधार कार्ड

 खुलासे के बाद नीतीश सरकार ने दे दिया अल्टीमेटम

भागलपुर। बिहार के सरकारी स्कूलों में डुप्लीकेट दाखिले रोकने के लिए बिहार शिक्षा परियोजना परिषद बच्चों का डेटा ई-शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करवा रही है। इसके लिए आधार कार्ड जरूरी है, लेकिन कई स्कूलों ने अब तक पूरी जानकारी नहीं दी है। 31 अगस्त की समय सीमा भी बढ़ा दी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी और निजी मिलाकर लगभग 37 लाख बच्चों का आधार डेटा अब तक अपलोड नहीं हुआ है। दरअसल, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने सभी स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे अपने यहां पढ़ने वाले सभी बच्चों का डेटा ई-शिक्षा पोर्टल पर अपलोड करें। इस डेटा में बच्चे का आधार कार्ड नंबर भी शामिल है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि एक ही बच्चे का कई स्कूलों में दाखिला न हो सके। हालांकि, कई सरकारी और निजी स्कूलों ने अब तक पूरी जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं की है। 31 अगस्त को यह काम पूरा होना था, लेकिन अब समय सीमा बढ़ा दी गई है।
31 अगस्त तक की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश के 77539 सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 27 लाख 35 हजार 255 बच्चों का आधार डेटा अपलोड नहीं हुआ है। वहीं, 14060 निजी स्कूलों में पढ़ने वाले 9 लाख 35 हजार 264 बच्चे ऐसे हैं जिनका आधार डेटा पोर्टल पर नहीं है। बता दें कि सरकारी स्कूलों में कुल 2 करोड़ 14 लाख 3 हजार 886 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से 1 करोड़ 60 लाख 68 हजार 483 बच्चों ( करीब 90 प्रतिशत ) का ही आधार डेटा अपलोड हो पाया है। निजी स्कूलों में तो स्थिति और भी खराब है। यहां सिर्फ 42 प्रतिशत बच्चों का ही डेटा अपलोड हुआ है।
जानकारी के अनुसार, गया के 3468 स्कूलों में 8 लाख 42 हजार 754 बच्चे पढ़ते हैं, जिनमें से 1 लाख 81 हजार 13 बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है। वहीं, शिवहर जिले के 455 स्कूलों में 1 लाख 30 हजार 535 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से 27,649 बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है। डाटा अपलोड करने के मामले में अरवल जिला 98 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, जबकि शिवहर जिला 83 प्रतिशत के साथ सबसे पीछे है।
भागलपुर जिले में 83,302 बच्चे ऐसे हैं जिनका दाखिला बिना आधार कार्ड के हुआ है। जिले के 2074 स्कूलों में कुल 6 लाख 38 हजार 873 बच्चे पढ़ते हैं। इनमें से 4 लाख 78 हजार 406 बच्चों का ही डेटा अपलोड हुआ है। डेटा अपलोड करने के मामले में भागलपुर 90 प्रतिशत के साथ 18वें स्थान पर है।
डीपीओ एसएसए डॉ जमाल मुस्तफा ने बताया कि अब डेटा अपलोड करने में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी सरकारी, निजी, अनुदानित, मदरसा और संस्कृत विद्यालयों को निर्देश दिया है कि 3 सितंबर तक सभी बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र बनवा लें और 10 सितंबर तक सभी का डेटा ई-शिक्षा पोर्टल पर अपलोड कर दें। उन्होंने कहा कि अब आगे समय नहीं दिया जाएगा। सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के स्कूलों में जाकर इस काम की निगरानी करें।

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