65 कमरों में 250 लोग, न निकास न सुरक्षा – गरीब की जान इतनी सस्ती क्यों? – गंगेश्वर दत्त शर्मा, सीटू

नोएडा, कल बुधवार को नोएडा के सेक्टर-66, मामूरा गांव में स्थित एक 5 मंजिला अवैध पीजी / एनसीआर पीजी में हुए भयंकर, दर्दनाक अग्निकांड पर सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) गहरा दुख, आक्रोश और शोक व्यक्त करता है।

सीटू गौतम बुध नगर जिला सचिव गंगेश्वर दत्त शर्मा ने बताया कि ई-बाइक को बेसमेंट में चार्ज करते समय बैटरी फटने से भीषण आग लगी, जिसने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। 16 अन्य वाहन भी जल गए। • इस हादसे में बिहार के मुजफ्फरपुर निवासी 24 वर्षीय स्नेहा श्रीवास्तव और मध्य प्रदेश के बालाघाट निवासी 30 वर्षीय ऋषभ कुमार की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। दोनों निजी कंपनी में कार्यरत थे। वे सीढ़ियों की तरफ भागे थे पर लपटों ने घेर लिया। • 300 गज में बनी इस 65 कमरों की अवैध इमारत में 250 से ज्यादा गरीब मजदूर, छात्र और कर्मचारी रह रहे थे। • न कोई अग्निशमन यंत्र, न निकास की व्यवस्था, न एनओसी। तंग गलियों के कारण दमकल की गाड़ियां 150 मीटर दूर ही रुक गईं। • स्थानीय नागरिकों, दुकानदार अमन और पड़ोस की निर्माणाधीन इमारत के युवाओं ने बांस की सीढ़ी और रस्सी के सहारे 50 से ज्यादा लोगों की जान बचाई, जबकि अग्निशमन विभाग ने 15 लोगों को बचाया।
यह हादसा नहीं, प्रशासनिक लापरवाही और पीजी माफिया की मिलीभगत से किया गया सामूहिक नरसंहार है।

नोएडा प्राधिकरण, जिला प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे गांवों में 4-5 मंजिला अवैध इमारतें, बिना नक्शा पास, बिना फायर सेफ्टी के धड़ल्ले से चल रही हैं। 10×10 के कमरे में 3-3, 4-4 लोग 8000-10000 रुपये किराया देकर रहने को मजबूर हैं। सस्ते किराये के नाम पर मजदूरों की सांसें सस्ती कर दी गई हैं।

सीटू की मांगें :-
1. मृतक युवती स्नेहा और युवक ऋषभ के परिवारों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा और घायलों को 10-10 लाख मुआवजा व निशुल्क इलाज सरकार दे। 2. इस अवैध इमारत के मालिक, जिसने बेसमेंट में चार्जिंग पॉइंट बनाया, और उसे संरक्षण देने वाले दोषी अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तार किया जाए। 3. नोएडा के सभी गांवों – मामूरा, छलेरा, बरौला, भंगेल, सलारपुर आदि में चल रहे सभी पीजी, गेस्ट हाउस का फायर ऑडिट और सुरक्षा ऑडिट हो। 4. पीड़ित 250 मजदूरों/छात्रों के रहने, खाने और उनके दस्तावेज जो जल गए हैं, उन्हें दोबारा बनवाने की व्यवस्था प्रशासन करे। 5. मजदूर बस्तियों में चार्जिंग स्टेशन बेसमेंट से हटाकर खुले, सुरक्षित स्थान पर लगाने का आदेश जारी हो।
सीटू इस हादसे के पीड़ितों के साथ खड़ा है और चेतावनी देता है कि यदि 7 दिन के अंदर अवैध व असुरक्षित इमारतों पर कार्रवाई नहीं हुई तो सीटू मजदूरों के साथ मिलकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को बाध्य होगा।

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