पटना। बिहार राज्य महिला आयोग में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान कुल 17 नए पारिवारिक विवादों को दर्ज किया गया। साथ ही, पहले से लंबित 7 मामलों की सुनवाई भी की गई। इस प्रक्रिया के दौरान 4 मामलों में पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से समाधान निकल आया, जिससे पीड़ित महिलाओं को तत्काल राहत मिली।
जनसुनवाई की अध्यक्षता आयोग की माननीय अध्यक्ष श्रीमती अप्सरा ने की। उनके साथ आयोग के अन्य सदस्यों ने भी सक्रियता दिखाते हुए सभी मामलों को गंभीरता से सुना और पीड़ितों को संवेदनशील माहौल में अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया।
सुनवाई के दौरान पति-पत्नी के आपसी विवाद, घरेलू हिंसा, मानसिक उत्पीड़न, भरण-पोषण और महिला सम्मान से जुड़े कई संवेदनशील मामलों पर विचार हुआ। अधिकतर मामलों में आयोग ने पक्षकारों के बीच संवाद स्थापित कर समाधान की कोशिश की।
इस मौके पर आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने कहा, “हर महिला को सुरक्षित वातावरण और न्याय मिलना चाहिए। हमारा लक्ष्य है कि आयोग में आने वाली हर पीड़िता को समयबद्ध और निष्पक्ष न्याय मिले। हम समाज से अपेक्षा करते हैं कि महिला संबंधी समस्याओं को गंभीरता से लें और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं।”
जनसुनवाई के दौरान आयोग की त्वरित कार्यवाही और संवाद आधारित समाधान प्रक्रिया ने न केवल पीड़िताओं को राहत दी, बल्कि समाज में पारिवारिक विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने का सकारात्मक संदेश भी दिया।








