बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से जुड़े हिजाब विवाद ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी है। 15 दिसंबर को पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान, जहां 1,283 आयुष डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे, सीएम नीतीश ने एक मुस्लिम महिला डॉक्टर नुसरत परवीन का हिजाब खींच लिया था। वीडियो वायरल होने के बाद विपक्षी दलों (आरजेडी, कांग्रेस) ने इसे महिलाओं के सम्मान और धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन बताते हुए तीखी आलोचना की है। जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, प्रियंका चतुर्वेदी और डिंपल यादव जैसी महिला सांसदों ने भी नीतीश पर हमला बोला। यहां तक कि पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने वीडियो जारी कर माफी की मांग की, जबकि केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश का बचाव किया।
विवाद का सीएम के कार्यक्रमों पर असर
कार्यक्रमों का पैटर्न बदला गया: हिजाब विवाद के बाद नियुक्ति पत्र वितरण जैसे आयोजनों को छोटा किया गया है। अब केवल 3 लोगों को प्रतीकात्मक (सिंबोलिक) पत्र दिए जाएंगे, जबकि बाकी को बाद में भेजा जाएगा।
लाइव स्ट्रीमिंग बंद: भविष्य के कार्यक्रमों में लाइव प्रसारण नहीं होगा, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
सुरक्षा बढ़ाई गई: सोशल मीडिया पर मिली धमकियों और खुफिया जानकारी के आधार पर सीएम की सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। असामाजिक तत्वों से खतरे की आशंका जताई गई है।
राजगीर महोत्सव पर क्या हुआ?
आपके सवाल के अनुसार, हिजाब विवाद के “असर” से राजगीर में सीएम नीतीश का कार्यक्रम रद्द होने की खबरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं, लेकिन आधिकारिक तौर पर ऐसा कोई ऐलान नहीं हुआ है। राजगीर महोत्सव-2025 आज (19 दिसंबर) से शुरू हो रहा है और 21 दिसंबर तक चलेगा। सीएम नीतीश दोपहर 3 बजे इसका उद्घाटन करेंगे। हालांकि, विवाद के कारण कार्यक्रम को छोटा रखा गया है—लाइव स्ट्रीमिंग नहीं होगी और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। पहले दिन कैलाश खेर का प्रदर्शन होगा, जबकि अन्य दिनों में सलमान अली और भव्या पंडित जैसे कलाकार शामिल होंगे। महोत्सव स्थल पर 124 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां सरकारी योजनाओं की जानकारी मिलेगी।








