दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने 9 जनवरी 2026 को लैंड फॉर जॉब्स स्कैम मामले में RJD सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार को बड़ा झटका दिया है।
मुख्य बिंदु:
स्पेशल जज विशाल गोगने ने लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटों तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, बेटियों मीसा भारती और हेमा यादव समेत कुल 41-46 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।
कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया (प्राइमा फेसिए) सबूतों के आधार पर लालू और उनका परिवार “आपराधिक सिंडिकेट” की तरह काम कर रहा था। रेल मंत्रालय को व्यक्तिगत जागीर की तरह इस्तेमाल किया गया और सरकारी नौकरियों को जमीन हासिल करने के बदले इस्तेमाल किया गया।
लालू पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की धाराएँ लगीं, जबकि परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी (IPC 420) और आपराधिक साजिश (IPC 120B) के आरोप।
कुल 103 आरोपियों में से 5 की मौत हो चुकी है, 52 को डिस्चार्ज कर दिया गया (जिनमें कई रेलवे अधिकारी शामिल), और बाकियों पर आरोप तय।
औपचारिक रूप से आरोप तय करने की अगली तारीख 29 जनवरी 2026 बताई जा रही है।
मामला क्या है?
यह घोटाला 2004-2009 के दौरान का है, जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। CBI का आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-डी नौकरियाँ देने के बदले उम्मीदवारों या उनके परिवारों से सस्ते दामों पर जमीन हासिल की गई, जो लालू के परिवार या संबंधित कंपनियों के नाम पर ट्रांसफर हुई। आरोपी पक्ष ने इसे राजनीतिक साजिश बताया है और सभी आरोपों से इनकार किया है।








