ग्रेटर नोएडा (नोएडा) में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता (27 वर्ष) की मौत के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी कर ली है। नामजद मुख्य आरोपी बिल्डर अभय कुमार (Abhay Kumar) को नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। अभय कुमार एमजेड विश्टाउन (MZ Wishtown) कंपनी के मालिक हैं, जहां यह घटना हुई थी।
घटना का विवरण
16-17 जनवरी 2026 की रात को युवराज मेहता अपनी कार (Maruti Suzuki Grand Vitara) से गुरुग्राम से घर लौट रहे थे।
घने कोहरे के कारण सेक्टर 150 में 90 डिग्री टर्न पर कार नियंत्रण से बाहर हो गई और एक खाली प्लॉट पर पानी से भरे गहरे निर्माण गड्ढे (लगभग 20 फीट गहरा) में गिर गई। युवराज करीब 1.5-2 घंटे तक मदद मांगते रहे, लेकिन बचाव में देरी हुई। अंत में उनकी मौत डूबने (drowning) से दम घुटने (asphyxia) और उसके बाद कार्डियक अरेस्ट से हुई, जैसा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आया है। गड्ढे पर बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर्स या साइन बोर्ड नहीं थे, जिसके कारण लापरवाही के आरोप लगे।
पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई
युवराज के पिता राजकुमार मेहता की शिकायत पर FIR दर्ज की गई थी, जिसमें दो बिल्डर्स (MZ Wishtown और Lotus Green) पर लापरवाही से मौत (BNS sections 105, 106, 125) के आरोप लगे।
20 जनवरी 2026 को अभय कुमार को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि जांच में उनकी भूमिका सामने आई।
इससे पहले: नोएडा अथॉरिटी के CEO लोकेश एम को हटा दिया गया। जूनियर इंजीनियर नवीन कुमार की सेवाएं समाप्त की गईं। अन्य अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी। CM योगी आदित्यनाथ ने तीन सदस्यीय SIT गठित की (ADG मेरूत जोन भानु भास्कर के नेतृत्व में), जो 5 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी।







