SIR प्रक्रिया क्या है और BLO पर इसका असर क्यों?
SIR का मतलब: चुनाव आयोग (EC) द्वारा शुरू की गई यह प्रक्रिया वोटर लिस्ट को अपडेट करने के लिए है, जिसमें BLO को फील्ड वर्क (घर-घर जाकर सत्यापन), डिजिटल एंट्री, दस्तावेज चेकिंग और रिपोर्टिंग करनी पड़ती है। इसमें छोटी समयसीमा, अचानक रात के निर्देश और सख्त जिम्मेदारी है। गलती पर BLO को दोषी ठहराया जा सकता है।
BLO कौन होते हैं?: ये ज्यादातर सरकारी कर्मचारी (जैसे आंगनवाड़ी वर्कर, शिक्षक) होते हैं, जो बूथ स्तर पर चुनावी काम संभालते हैं। SIR के दौरान उन्हें दिन-रात काम करना पड़ रहा है, जिसमें भाषा की बाधा (जैसे चाय बागान क्षेत्रों में हिंदी-बंगाली समस्या) और जनता का घेराव भी शामिल है।
हाल की दुखद घटनाएं
पश्चिम बंगाल:
जलपाईगुड़ी (मालबाजार, बूथ 20/101): शांति मणि (ICDS वर्कर) ने आत्महत्या की। कारण: SIR का भारी काम, भाषा समस्या और इस्तीफा न मानना। परिवार का कहना है कि वे मानसिक तनाव में थीं। पूर्वी बर्धमान: नामिता हंसदा (50 वर्ष) को ब्रेन स्ट्रोक हुआ, जिसकी मौत परिवार SIR के दबाव से जोड़ रहा है।
केरल: एक BLO ने SIR वर्कलोड से परेशान होकर आत्महत्या की। परिवार ने दावा किया कि काम का तनाव मुख्य कारण था। राजस्थान: झोटवाड़ा क्षेत्र के शिक्षक मुकेश जांगिड़ ने SIR दबाव में सुसाइड नोट छोड़कर आत्महत्या की। भाई ने अधिकारियों पर आरोप लगाया।
तमिलनाडु: एक सीनियर आंगनवाड़ी BLO ने दवा ओवरडोज से सुसाइड की कोशिश की, लेकिन बच गईं। व्हाट्सएप पर अन्य BLO को बताया कि तनाव और अकेलापन कारण था।
कुल: 3 BLO ने आत्महत्या की, 1 को ब्रेन स्ट्रोक, और कुल 9 मौतें (जिनमें 6 सुसाइड) SIR से जुड़ी बताई जा रही हैं।
क्या BLO प्रेशर सहन नहीं कर पा रहे?
हां, सबूतों से यही लगता है।
कारण: छोटी डेडलाइन, असामान्य वर्कलोड, इस्तीफे न मानना, और EC की सख्त चेतावनी (गलती पर जिम्मेदारी) ने तनाव बढ़ाया। BLO अक्सर अकेले काम करते हैं, बिना पर्याप्त सपोर्ट के।
प्रतिक्रियाएं:
प्रदर्शन: केरल, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में BLO ने हड़ताल की, SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए।
राजनीतिक: कांग्रेस ने EC पर हमला बोला—कहा कि SIR से वोट चोरी हो रही है, इसलिए दबाव। स्थानीय विधायक बुलू चिक बराइक ने मानसिक दबाव को स्वीकारा।
EC का रुख: अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं, लेकिन सख्ती जारी है।







