ईरान में प्रोटेस्ट और ट्रंप की धमकी… ब्रिटिश मीडिया का दावा रूस भागने की तैयारी में हैं खामेनेई

ईरान में दिसंबर 2025 के अंत से आर्थिक संकट (महंगाई और मुद्रा गिरावट) के कारण बड़े पैमाने पर प्रदर्शन चल रहे हैं, जो कई शहरों में फैल चुके हैं। प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ नारे लगाए हैं, जैसे “डेथ टू डिक्टेटर” और “खामेनेई का तख्ता पलट इस साल”। मानवाधिकार समूहों के अनुसार, अब तक कम से कम 16-19 लोग मारे गए हैं, और सैकड़ों गिरफ्तार हुए हैं।

ट्रंप की धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जनवरी 2026 में चेतावनी दी है कि अगर ईरानी सुरक्षा बल शांतिपूर्वक प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाते हैं या उन्हें मारते हैं, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने कहा, “हम लॉक्ड एंड लोडेड हैं और जाने को तैयार हैं”। ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अगर ज्यादा प्रदर्शनकारी मारे गए, तो ईरान को “बहुत जोर का झटका” लगेगा। ईरानी अधिकारियों ने इसका जवाब देते हुए अमेरिका को चेतावनी दी है कि कोई हस्तक्षेप क्षेत्र में अराजकता लाएगा और अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा। खामेनेई ने कहा कि वे “दुश्मन के सामने झुकेंगे नहीं”।

ब्रिटिश मीडिया का दावा

ब्रिटिश अखबार द टाइम्स (The Times of London) ने 4 जनवरी 2026 को एक इंटेलिजेंस रिपोर्ट के हवाले से दावा किया है कि खामेनेई ने एक कंटिंजेंसी प्लान (प्लान बी) तैयार किया है। अगर प्रदर्शन बेकाबू हो जाते हैं और सुरक्षा बल (IRGC) उन्हें दबाने में नाकाम रहते हैं या बगावत कर देते हैं, तो 86 साल के खामेनेई अपने करीब 20 रिश्तेदारों और सहयोगियों (जिनमें उनका बेटा मोजतबा भी शामिल) के साथ तेहरान से भागकर मॉस्को (रूस) जाएंगे। रिपोर्ट में कहा गया है कि रूस ही उनका एकमात्र सुरक्षित ठिकाना है, क्योंकि खामेनेई पुतिन की प्रशंसा करते हैं और दोनों संस्कृतियां करीब हैं। यह दावा एक पूर्व इजरायली इंटेलिजेंस अधिकारी बेनी सब्ती के बयान पर भी आधारित है।
यह रिपोर्ट कई मीडिया आउटलेट्स (जैसे GB News, Express.co.uk, Times of Israel, Iran International) ने दोहराई है, लेकिन यह अनआधिकारिक इंटेलिजेंस सूत्रों पर आधारित है – कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे दावे संवेदनशील स्थिति में अफवाह या मनोवैज्ञानिक दबाव का हिस्सा हो सकते हैं, खासकर जब बशर अल-असद ने 2024 में सीरिया छोड़कर रूस में शरण ली थी। कुल मिलाकर, ईरान में स्थिति तनावपूर्ण है, प्रदर्शन जारी हैं, और अंतरराष्ट्रीय दबाव (ट्रंप की धमकियां) बढ़ रहा है। आगे की घटनाएं सुरक्षा बलों की वफादारी और प्रदर्शनों की तीव्रता पर निर्भर करेंगी।

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