यूसीसी से उत्तराखंड में क्या बदलेगा और क्या नहीं ?

उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने Uniform Civil Code bill आज यानि मंगलवार को पेश किया. आजादी के बाद उत्तराखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है. जहां आजादी के बाद UCC लागू किया जाएगा है. आइए हम आपको उन सवालों के जवाब बताते हैं कि राज्य में यूसीसी लागू होने से क्या बदलेगा और क्या नहीं? और इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा-

 UCC लागू होने के बाद क्या बदलाव किए गए :

1- सभी धर्मों में लड़कियों की शादी की minimum age 18 साल होगी (उत्तराखंड में यूसीसी को लेकर जो ड्राफ्ट सरकार को दिया गया है उसमें कमेटी ने लड़कों के लिए शादी की उम्र 21 साल और लड़कियों की 18 साल निर्धारित की है)
2- पुरुष-महिला को तलाक देने के समान अधिकार (यानि यूसीसी लागू होने के बाद पति-पत्नी को तलाक का बराबर हक मिलेगा. यानी सभी धर्मों के लिए तलाक की एक ही नीति होगी)
3- लिव इन रिलेशनशिप डिक्लेयर करना जरूरी (शादी के अलावा लिवइन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल को भी रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होगा. इसके साथ ही माता-पिता को भी रिलेशन के बारे में बताया होगा. पुलिस में भी रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य हो जाएगा.)
4- लिव इन रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर 6 माह की सजा (लिव-इन रिलेशनशिप को पंजीकृत करने में विफल रहने पर अधिकतम 6 महीने की जेल, 25,000 रुपये का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।)
5- लिव-इन में पैदा बच्चों को संपत्ति में समान अधिकार (सभी बच्चों का संपत्ति पर बराबर अधिकार होगा. साथ ही लिवइन रिलेशन में पैदा हुए बच्चों को भी संपत्ति में समान अधिकार होगा.)
6- महिला के दोबारा विवाह में कोई शर्त नहीं ( महिला अगर दोबारा शादी करना चाहती है तो उस पर किसी भी तरह की शर्त नहीं होगी.)
7- अनुसूचित जनजाति दायरे से बाहर (प्रदेश में सात प्रमुख जनजातियां हैं, जिनके तौर तरीके और नियम अलग हैं। हालांकि, अभी सरकार को इस पर फैसला लेना है। समान नागरिक संहिता वैसे तो प्रदेश के हर नागरिक पर लागू करने का लक्ष्य है, लेकिन अनुसूचित जनजातियों को इससे बाहर रखा जा सकता है। )
8- बहु विवाह पर रोक, पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरी शादी नहीं (बहु विवाद पर रोक रहेगी. यानी कि पति या पत्नी के जीवित होने पर दूसरी शादी नहीं की जा सकती. केवल एक ही शादी मान्य मानी जाएगी.)
9- शादी का रजिस्ट्रेशन जरूरी बिना रजिस्ट्रेशन सुविधा नहीं (सभी धर्मों में शादी के बाद रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा. बिना रजिस्ट्रेशन के शादी अमान्य मानी जाएगी. साथ ही किसी भी प्रकार की सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा.)
10- उत्तराधिकार में लड़कियों को बराबर का हक (संपत्ति में लड़कियों को बराबर का अधिकार मिलेगा. इसके तहत घर हर धर्म के लिए घर की संपत्ति में बेटियों को बराबर का अधिकार होगा.)

UCC लागू होने के फायदे क्या है ?

– हर धर्म में शादी, तलाक के लिए एक ही कानून
– जो कानून हिंदुओं के लिए, वही दूसरों के लिए भी
– बिना तलाक एक से ज्यादा शादी नहीं कर पाएंगे
– मुसलमानों को 4 शादी करने की छूट नहीं रहेगी

चलिए आपको बता दे की UCC से क्या नहीं बदलेगा?

– धार्मिक मान्यताओं पर कोई फर्क नहीं
– धार्मिक रीति-रिवाज पर असर नहीं
– ऐसा नहीं है कि शादी पंडित या मौलवी नहीं कराएंगे
– खान-पान, पूजा-इबादत, वेश-भूषा पर प्रभाव नहीं

क्या होता है समान नागरिक संहिता ?

Uniform Civil Code यानि समान नागरिक संहिता या यू कह लीजिए कि एक देश एक कानून । Uniform Civil Code यानि UCC के तहत देश में रहने वाले सभी धर्मों के लोगों के लिए एक कानून होगा। इसमे शादी, तलाक, बच्चा गोद लेना, संपत्ति के बंटवारे जैसे topics आते हैं।
constitution के article 44 में भारत में रहने वाले सभी लोगों के लिए एक समान कानून का प्रावधान लागू करने की बात कही गई है. ऐसे में एक पत्नी के रहते हुए आप दूसरी शादी नहीं कर सकते. फिलहाल भारत में कई निजी कानून धर्म के आधार पर तय होते हैं. ऐसे में अगर समान नागरिक संहिता को भविष्य में लागू किया गया तो सभी धर्मों के लिए वही कानून होगा, जिसे भारतीय संसद द्वारा तय किया जाएगा.

गोवा में लागू है UCC

जानकारी के लिए आपको बता दें कि भारत में गोवा एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां पर UCC लागू है. संविधान में गोवा को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया है. इसे गोवा सिविल कोड के नाम से जाना जाता है. वहां हिंदू, मुस्लिम, और ईसाई समेत धर्म जातियों के लिए एक ही फैमिली लॉ है. गोवा में मुस्लिमों को 4 शादियां करने का अधिकार नहीं है, .यहां कोई ट्रिपल तलाक भी नहीं दे सकता.

कांग्रेस करेगी UCC का विरोध

उत्तराखंड के बाद एमपी में भी Uniform यानी यूसीसी लागू किए जाने की चचा तेज हो गई है. इसी बीच कांग्रेस ने UCC को अराजकता बढ़ाने वाला बताया है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि यूसीसी पर सरकार का रवैया नफरत की नई राजनीति की शुरुआत करेगा. सभी को इसका विरोध करना चाहिए. यह देश को अराजकता की ओर ले जाएगा.

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