16 विपक्षी दलों ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर से संबंधित हालात पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की
नई दिल्ली। 16 विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से संबंधित हालात पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाने की मांग की है। इस पत्र में विपक्षी नेताओं ने चिंता जताई कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के बारे में दुनिया को तो जानकारी दी पर संसद और देश की जनता को अंधेरे में रखा।
समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा, “संसद का विशेष सत्र बुलाए जाना इसलिए आवश्यक है क्योंकि आप सारी दुनिया को तो बता रहे हैं लेकिन संसद को और संसद के माध्यम से देश की जनता को अंधेरे में रखना चाहते हैं।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली पार्टियों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), डीएमके, नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआई (एम), आईयूएमएल, सीपीआई, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP), विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), केरल कांग्रेस, एमडीएमके, और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन शामिल हैं। तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इसकी जानकारी दी। हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) इंडी गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई, लेकिन वह अलग से पीएम मोदी को विशेष सत्र की मांग के लिए पत्र लिखने की योजना बना रही है। एनसीपी (एसपी) इस मांग का हिस्सा नहीं है।
इंडिया गठबंधन की बैठक कंस्टीट्यूशन क्लब में हुई और 3 जून 2025 को दोपहर 12:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 200 से ज्यादा सांसदों के हस्ताक्षर वाली इस चिट्ठी को रिलीज किया गया। विपक्ष का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर संसद में चर्चा जरूरी है ताकि सभी दलों को विश्वास में लिया जा सके और पारदर्शिता बनी रहे।
पत्र पर हस्ताक्षर करने वाली पार्टियों में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राजद, समाजवादी पार्टी, शिवसेना (यूबीटी), डीएमके, नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआई (एम), आईयूएमएल, सीपीआई, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP), विदुथलाई चिरुथैगल काची (VCK), केरल कांग्रेस, एमडीएमके, और सीपीआई (एमएल) लिबरेशन शामिल हैं। तृणमूल सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने इसकी जानकारी दी। हालांकि, आम आदमी पार्टी (AAP) इंडी गठबंधन की बैठक में शामिल नहीं हुई, लेकिन वह अलग से पीएम मोदी को विशेष सत्र की मांग के लिए पत्र लिखने की योजना बना रही है। एनसीपी (एसपी) इस मांग का हिस्सा नहीं है।
इंडिया गठबंधन की बैठक कंस्टीट्यूशन क्लब में हुई और 3 जून 2025 को दोपहर 12:30 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 200 से ज्यादा सांसदों के हस्ताक्षर वाली इस चिट्ठी को रिलीज किया गया। विपक्ष का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर जैसे संवेदनशील राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर संसद में चर्चा जरूरी है ताकि सभी दलों को विश्वास में लिया जा सके और पारदर्शिता बनी रहे।








