लखनऊ, 29 सितंबर शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में एक बुजुर्ग मां की व्यथा सुनकर गहरी संवेदना जताई। कानपुर के रायपुरवा क्षेत्र से आईं लगभग 63-64 वर्षीय महिला ने अपने जवान बेटे के कैंसर से जूझने की पीड़ा बयां की। उन्होंने आंसू भरी आंखों से कहा, “महाराज! मेरे बेटे को जिंदगी दे दीजिए…”। यह सुनते ही सीएम योगी भावुक हो गए और तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए।
घटना का विवरण
मां की गुहार: महिला ने बताया कि उनका बेटा कैंसर से पीड़ित है, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं हो पा रहा। उनके पास आयुष्मान कार्ड भी नहीं है। वे दर-दर भटक रही थीं, लेकिन नवरात्रि के इस पर्व पर ‘जनता दर्शन’ में पहुंचीं तो उम्मीद की किरण मिली।
योगी का त्वरित एक्शन: सीएम ने तत्काल अधिकारियों को आदेश दिया कि बेटे को सरकारी एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट (लखनऊ) भेजा जाए। वहां बेहतर इलाज और जांच तुरंत शुरू कराने के निर्देश दिए गए। मरीज को ‘जनता दर्शन’ से ही अस्पताल रवाना कर दिया गया।
जनता दर्शन का दायरा: इस दौरान 50 से अधिक पीड़ितों ने अपनी समस्याएं रखीं, जिनमें अवैध निर्माण, साइबर फ्रॉड जैसी शिकायतें शामिल थीं। योगी ने हर प्रार्थना पत्र को व्यक्तिगत रूप से पढ़ा और त्वरित निस्तारण का भरोसा दिलाया।
सीएम का संदेश
मुख्यमंत्री ने कहा, “नर सेवा ही नारायण सेवा है। सरकार हर प्रदेशवासी के चेहरे पर खुशी लाने के लिए प्रतिबद्ध है। किसी भी पीड़ित की फरियाद पर तुरंत कार्रवाई होगी और इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।” यह घटना योगी सरकार की ‘जनसेवा’ की भावना को एक बार फिर उजागर करती है, जहां सामान्य नागरिक की तकलीफ को प्राथमिकता दी जाती है।
यह वाकया नवरात्रि की भक्ति और सेवा के संदेश को मजबूत करता है, जहां मां की आराधना के साथ-साथ मानवीय दर्द को भी सुना जाता है।







