भड़ास4मीडिया के संपादक यशवंत सिंह ने दावा किया है कि भारतीय टीवी न्यूज़ इंडस्ट्री में आर्थिक संकट और विज्ञापनों (खासकर सरकारी और कॉरपोरेट) के केंद्रीकरण के कारण 2029 तक सिर्फ तीन बड़े न्यूज़ चैनल/ग्रुप ही बच पाएंगे।
उनका कहना है कि आज तक अरुण पुरी का, News18 नेटवर्क (Reliance-अंबानी ग्रुप का और NDTV (Adani ग्रुप का)। बाकी चैनलों (जैसे Republic, Zee News, ABP, India TV आदि) का “खेल खत्म” हो जाएगा क्योंकि उनकी “आर्थिक सप्लाई” (विज्ञापन) बंद कर दी जाएगी, और वे खुद-ब-खुद कमजोर पड़ जाएंगे।
मुख्य तर्क पोस्ट में दिए गए : विज्ञापन अब चुनिंदा मीडिया हाउस तक सीमित हो रहे हैं। सत्ता के लिए 20 मीडिया संस्थानों को मैनेज करने से बेहतर सिर्फ 2-3 बड़े कॉरपोरेट हाउस को “साधे” रखना आसान है। अर्नब गोस्वामी जैसे एंकरों का हालिया “तेवर बदलना” भी इसी दबाव का नतीजा बताया गया। 2026 में “गोदी मीडिया” की शक्ल बदल सकती है – कुछ बगावत करेंगे, कुछ सरेंडर, कई यूट्यूब/डिजिटल पर शिफ्ट हो जाएंगे।








