वाह। टिम कुक हैं सच्चे लीडर!

चरण सिंह 

मान गए एप्पल के सीईओ टीम कुक को। जब अमेरिकी राष्ट्रपति दुनिया पर दादागिरी दिखा रहे हैं। ऐसे में टीम कुक ने डोनाल्ड ट्रम्प को आईना दिखा दिया है। डोनाल्ड ट्रंप की धमकी को अनदेखा कर भारत में ही आई फोन का उत्पादन करने का निर्णय लिया। टीम कुक से पीएम मोदी को भी सीख लेनी चाहिए। जब एक कंपनी डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में नहीं आये तो फिर भारत देश के प्रधानमंत्री कैसे ट्रंप के दबाव में आ गए। सही मायने में टीम कुक ही एक लीडर हैं।दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में एप्पल के CEO टिम कुक को कहा कि वे भारत में आई फोन का उत्पादन बंद करें।
ट्रम्प चाहते हैं कि एप्पल भारत को छोड़कर अमेरिका में अपनी फैक्ट्रियां बनाए। लेकिन टिम कुक ने इस दबाव का जवाब हिम्मत के साथ दिया। डोनाल्ड ट्रम्प ने कतर में एक बिजनेस मीटिंग के दौरान एप्पल के सीईओ टिम कुक को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि मुझे टिम कुक से थोड़ी समस्या है। मैं नहीं चाहता कि तुम भारत में फैक्ट्रियां बनाओ।

ट्रम्प का कहना है कि एप्पल को अमेरिका में प्रोडक्शन बढ़ाना चाहिए, क्योंकि भारत में ‘उच्च टैरिफ’ की वजह से अमेरिकी प्रोडक्ट्स को बेचना मुश्किल है। ऐसे में प्रश्न उठता है कि हमारे प्रधानमंत्री तो अबकी बार ट्रंप सरकार का नारा हाउदी मोदी कार्यक्रम में लगा आये थे। अहमदाबाद में नमस्ते ट्रंप कार्यक्रम कराकर 100 करोड़ रुपए फूंक दिए थे। क्या फायदा हुआ भारत को। पाकिस्तान भारत युद्ध के समय ट्रंप ने पाकिस्तान को भारत के बगल में बैठा दिया। आतंकी देश को महान देश बता दिया। व्यापार का डर दिखाकर सीज फायर करा दिया। सीजफायर का श्रेय ले लिया। पीएम मोदी हैं कि चुप हैं।
ऐसा भी नहीं है कि ट्रम्प का भारत पर निशाना साधना कोई नया हो। उन्होंने भारत पर ‘उच्च टैरिफ’ का आरोप लगाया, लेकिन ये भी सच है कि हाल ही में भारत ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील में टैरिफ को कम करने की पेशकश की है। तो फिर ट्रम्प ड्रामा करते रहे। ट्रम्प की ‘अमेरिका फर्स्ट’ पॉलिसी का मकसद है अमेरिकी अर्थव्यवस्था को मजबूत करना। ऐसे में टीम कुक की तारीफ करनी पड़ेगी। टिम कुक कोई साधारण CEO नहीं हैं। उन्होंने Apple को एक ट्रिलियन डॉलर की कंपनी बनाया है और उनकी रणनीति हमेशा लंबी अवधि की होती है। जब ट्रम्प ने भारत में मैन्युफैक्चरिंग बंद करने का दबाव बनाया, टिम कुक ने चुपके से भारतीय सरकार से बात की और साफ कर दिया कि एप्पल भारत में अपने निवेश और मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को नहीं बदलेगा।

टिम कुक की रणनीति साफ है। वे भारत को एप्पल की ग्लोबल सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा बनाना चाहते हैं। ये सिर्फ़ एप्पल के लिए फायदेमंद नहीं है, बल्कि भारत के लिए भी है। एप्पल की वजह से भारत में 2 लाख से ज़्यादा नौकरियां पैदा हुई हैं। टिम कुक ने न सिर्फ़ ट्रम्प के दबाव को नजरअंदाज किया, बल्कि भारत में निवेश को और बढ़ाने का वादा किया। एक सच्चे लीडर की पहचान है। टिम कुक ने साफ कर दिया कि भारत उनकी रणनीति का एक अहम हिस्सा है।

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