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अलग पार्टी बनाकर केजरीवाल के सामने चुनौती पेश करेंगे राघव चड्ढा?

पंजाब और दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए आफत बनने जा रहे हैं राघव चड्ढा

आम आदमी पार्टी को रोकने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों का मिलेगा सहयोग

चरण सिंह 

राघव चड्ढा को केजरीवाल एंड टीम ने गलत समय छेड़ दिया है। जिस समय राघव चड्ढा आम आदमी से जुड़े मुद्दों को उठाकर जनता की सहानुभूति बटोर रहे थे। ऐसे में राघव चड्ढा को राज्य सभा में डिप्टी लीडर पद से हटाना मतलब अपने लिए आफत मोल लेना है। योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, कुमार विश्वास, शाजिया इल्मी को पार्टी से निकालने वाली केजरीवाल एन्ड टीम का राघव चड्ढा पर लिया गया एक्शन बहुत भारी पड़ने वाले हैं।

राघव चड्ढा ने जिस तरह से आम आदमी  से जुड़े हुए मुद्दे उठाते हुए रोजमर्रा की समस्याओं को भी सदन में उठाया है। ऐसे में वह लोगों के दिलों से जुड़े हैं। जो आम आदमी पार्टी राघव चड्ढा पर समोसे जैसे हलके मुद्दे उठाने का आरोप लगा रही है। मोदी से डरने की बात कर रही है। क्या ये जमीनी मुद्दे मोदी सरकार से पूछे गए प्रश्न नहीं हैं ?
क्या मिलावटी सामान देश का सबसे बड़ा मुद्दा नहीं है ?  क्या देश में सामान एजुकेशन नहीं होनी चाहिए ? क्या मोबाइल कंपनियां लोगों से ठगी नहीं कर रही हैं ? राघव ने रोजमर्रा से जुड़ी समस्याओं को उठाया है।
आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा का डिप्टी लीडर का पद छीनकर जिस तरह से राज्य सभा सचिवालय में उनको न बोलने देने के लिए पत्र लिखा है। यह लोगों के मन में आम आदमी पार्टी की छवि बिगाड़ना है। केजरीवाल एन्ड टीम को समझना चाहिए कि जो जनता आप लोगों को हाथोंहाथ ले सकती है वह राघव चड्ढा को क्यों नहीं ? पूरे देश में राघव चड्ढा को समर्थन मिल रहा है।
दरअसल राघव चड्ढा ने वे ही मुद्दे उठाए हैं जो उठाने का दंभ भरते हुए केजरीवाल ने आम आदमी पार्टी बनाई थी। अब जब इन मुद्दों को उठाने पर राघव चड्ढा पर शिकंजा कसा गया है। तो लोगों की सहानुभूति उन्हें मिलेगी। ऐसे में राघव चड्ढा के अंदर थोड़ी सी भी समझ होगी तो वह बीजेपी में नहीं जाएंगे। जो परिस्थिति राघव चड्ढा के सामने खड़ी कर दी गई है उन परिस्थतियों में राघव चड्ढा अलग पार्टी बनाएंगे। राघव चड्ढा के पार्टी बनाने पर बड़े स्तर पर यूथ उनके साथ जुड़ सकता है। वैसे भी जो मुद्दे वह सदन में उठा रहे थे वे जब सड़कों पर उठाएंगे तो उनको जनसमर्थन मिलना तय है।
पंजाब विधानसभा चुनाव में राघव चड्ढा अपनी पत्नी परिणति चोपड़ा के साथ सड़कों पर उतर गए तो धुल उड़ा देंगे। दरअसल जमीनी मुद्दों के साथ ही परिणति चोपड़ा के रूप में उनके साथ ग्लैमर भी है। जब आम आदमी पार्टी को फंडिंग हो सकती है तो फिर राघव चड्ढा को क्यों नहीं। यदि राघव चड्ढा पार्टी बनाते हैं तो जो लोग केजरीवाल एंड टीम ने पार्टी से निकाले हैं उनका सहयोग भी राघव चड्ढा को मिल सकता है। बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टी भी आम आदमी पार्टी को कमजोर करने के लिए के लिए राघव चड्ढा को आगे बढ़ाना चाहेंगे।
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