मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में करीब १५०० दुकानों/संरचनाओं पर बुलडोजर एक्शन की तैयारी चल रही है। यह अवैध निर्माणों (रेजिडेंशियल प्लॉट्स पर कमर्शियल यूज) का मामला है।
कहानी संक्षेप में:
बैकग्राउंड: आवास विकास परिषद (Awas Vikas Parishad) ने शास्त्री नगर में रेजिडेंशियल प्लॉट्स आवंटित किए थे। इन पर १०-३५ साल पहले अवैध रूप से कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और दुकानें बना ली गईं। कुल १४६८ से १५०० के आसपास ऐसी अवैध संरचनाएँ चिह्नित की गई हैं।
कोर्ट का फैसला : इलाहाबाद हाईकोर्ट (२०१३-१४) के बाद सुप्रीम कोर्ट ने दिसंबर २०२४ में साफ आदेश दिया कि ये अवैध निर्माण हटाए जाएँ। ट्रेडर्स की अपील खारिज हो गई। पहला एक्शन: अक्टूबर २०२५ में एक कॉम्प्लेक्स (२२ दुकानें) को तोड़ा गया।
मार्च २०२६ की लेटेस्ट स्थिति (आज १० मार्च):
प्रशासन और आवास विकास ने ३३ प्रॉपर्टीज (१००+ दुकानें/शोरूम) पर आज बुलडोजर चलाने की तैयारी पूरी कर ली है। मशीनरी और फोर्स तैनात।
व्यापारियों में हड़कंप: बाजार बंद, जुलूस, आवास विकास ऑफिस पर बेमियादी धरना। महिलाएँ बुलडोजर के आगे खड़ी होकर आत्मदाह की धमकी दे रही हैं। किसान संगठन भी समर्थन में।
कुछ राहत: ८०+ व्यापारियों को लैंड यूज चेंज (रेजिडेंशियल से कमर्शियल) का नोटिस मिला है। नई शमन पॉलिसी के तहत कंपाउंडिंग फीस (लगभग ३६ हजार प्रति वर्ग मीटर + सेटबैक) देकर दुकानें बचाने का ऑप्शन है। कुछ व्यापारी ये अप्लाई कर रहे हैं। लेकिन कोर्ट ऑर्डर और कंटेम्प्ट की वजह से एक्शन रुक नहीं रहा। कुछ रिपोर्ट्स में कहना है कि आज का फेज शुरू हो सकता है।
यह पूरा मामला मास्टर प्लान vs ऑर्गेनिक मार्केट का है। प्रशासन का कहना है कि ट्रैफिक और डेवलपमेंट के लिए साफ-सुथरा बाजार चाहिए, जबकि व्यापारी कह रहे हैं कि ४० साल पुराना बाजार है, रोजगार चला जाएगा। अगर आप किसी खास अपडेट, वीडियो या लोकेशन की डिटेल चाहते हैं तो बताइए – मैं और चेक कर लूँगा! स्थिति बदल रही है, इसलिए लोकल न्यूज़ या अमर उजाला/आजतक जैसे सोर्स चेक करते रहें।








