यूपी पंचायत चुनाव में जातियों को यूं साधेगी BJP? बन रही ये खास रणनीति

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उत्तर प्रदेश के 2026 पंचायत चुनावों के लिए एक विशेष रणनीति तैयार कर रही है, जिसमें जातिगत समीकरणों को साधने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विभिन्न स्रोतों के आधार पर, बीजेपी की रणनीति में निम्नलिखित प्रमुख बिंदु शामिल हैं:
  1. जातीय गोलबंदी और संतुलन:
    • बीजेपी ने पंचायत चुनावों से पहले जातीय समीकरणों को मजबूत करने के लिए विभिन्न समुदायों के बीच शक्ति प्रदर्शन शुरू किया है। खासकर, गैर-यादव पिछड़ा वर्ग (OBC), अनुसूचित जाति (SC), और ऊपरी जातियों को एकजुट करने की कोशिश की जा रही है। उदाहरण के लिए, लोधी समाज ने बरेली के आंवला में रानी अवंतीबाई की जयंती के अवसर पर अपनी ताकत दिखाई, जिसमें मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की मौजूदगी ने हलचल बढ़ाई।
    • क्षत्रिय, कुर्मी, और लोधी जैसे समुदायों के नेताओं और विधायकों ने अलग-अलग बैठकों के जरिए अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया है, ताकि पार्टी और सरकार में अपनी स्थिति को मजबूत किया जा सके।
    • बीजेपी ने गैर-यादव OBC और अति-पिछड़ा वर्ग (EBC) के नेताओं को बढ़ावा दिया है, जैसे केशव प्रसाद मौर्या (उपमुख्यमंत्री), स्वतंत्र देव सिंह (पूर्व प्रदेश अध्यक्ष), और भूपेंद्र चौधरी (वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष)।
  2. जिला पंचायत पर फोकस:
    • बीजेपी ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य (बीडीसी) जैसे पदों से दूरी बनाने का फैसला किया है, ताकि स्थानीय स्तर पर विवादों से बचा जा सके। पार्टी का पूरा ध्यान जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव पर है, क्योंकि यह जिला पंचायत अध्यक्ष चुनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
    • पार्टी की कोशिश है कि अधिक से अधिक जिला पंचायतों में अपने समर्थित उम्मीदवारों को जिताकर अध्यक्ष पद पर कब्जा किया जाए।
  3. दलित और OBC वोटरों पर जोर:
    • 2024 लोकसभा चुनावों में हार के बाद, बीजेपी दलित और OBC वोटरों को फिर से अपने पक्ष में करने के लिए सक्रिय है। पार्टी ने दलित समुदाय के लिए ‘अनुसूचित जाति संवाद’ जैसे कार्यक्रम शुरू किए हैं, जिन्हें प्रदेश संगठन महासचिव धर्मपाल सिंह संचालित कर रहे हैं।
    • बीजेपी ने अपनी रणनीति में समाजवादी पार्टी (सपा) के ‘PDA’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे का जवाब देने के लिए अपने ‘PDA’ को ‘पिछड़ा, दलित, अगड़ा’ के रूप में पुनर्परिभाषित किया है, जिसमें अल्पसंख्यकों को शामिल नहीं किया गया है। यह हिंदू समुदायों के बीच एकता का संदेश देने की कोशिश है।
  • Related Posts

    इस्लाम अपनाने वाली बहनों को अवैध हिरासत में रखने पर हाईकोर्ट सख्त, 25 लाख मुआवजे का आदेश
    • TN15TN15
    • August 11, 2026

    उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद हाई कोर्ट ने दो…

    Continue reading
    ‘दावत में ज्यादा दे दिया…’, रवि किशन पर CM योगी ने फिर ली चुटकी
    • TN15TN15
    • August 11, 2026

    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    डिंपल यादव से नाराजगी के बीच रामपुर जाएंगे शिवपाल यादव, आजम खान से करेंगे मुलाकात

    डिंपल यादव से नाराजगी के बीच रामपुर जाएंगे शिवपाल यादव, आजम खान से करेंगे मुलाकात

    ‘सभी सवालों का दूंगा जवाब’, विपक्ष के हंगामे पर अमित शाह की पहली प्रतिक्रिया  

    ‘सभी सवालों का दूंगा जवाब’, विपक्ष के हंगामे पर अमित शाह की पहली प्रतिक्रिया  

    कामरेड सीताराम येचुरी के जन्मदिवस पर सादर स्मरण एवं क्रांतिकारी लाल सलाम!

    कामरेड सीताराम येचुरी के जन्मदिवस पर सादर स्मरण एवं क्रांतिकारी लाल सलाम!

    इस्लाम अपनाने वाली बहनों को अवैध हिरासत में रखने पर हाईकोर्ट सख्त, 25 लाख मुआवजे का आदेश

    • By TN15
    • August 11, 2026
    इस्लाम अपनाने वाली बहनों को अवैध हिरासत में रखने पर हाईकोर्ट सख्त, 25 लाख मुआवजे का आदेश

    रांची आंदोलन: स्वाति मालीवाल का हमला, ‘CJP का एक भी नेता…’

    • By TN15
    • August 11, 2026
    रांची आंदोलन: स्वाति मालीवाल का हमला, ‘CJP का एक भी नेता…’

    ‘वक्फ बोर्ड में 1000 करोड़ का घोटाला’, जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर का आरोप

    • By TN15
    • August 11, 2026
    ‘वक्फ बोर्ड में 1000 करोड़ का घोटाला’, जितेंद्र नारायण सिंह सेंगर का आरोप