चरण सिंह
पहले चरण के मतदान से यदि कोई सबसे अधिक गदगद है तो वह अखिलेश यादव हैं। क्या इसकी वजह यह है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश से अखिलेश यादव बीजेपी को हारता हुए देख रहे हैं ? या फिर अखिलेश यादव अपने प्रत्याशियों को जीता हुआ समझ बैठे हैं। बीजेपी तो इसलिए नहीं हार रही है, क्योंकि 2019 के लोकसभा चुनाव में नगीना, बिजनौर, मुरादाबाद और रामपुर वह हार ही गई थी। हां अखिलेश यादव के गदगद होने का कारण यह हो सकता है कि इन सीटों में से अखिलेश यादव की पार्टी सपा ने मुरादाबाद और रामपुर सीट जीती थी। नगीना, बिजनौर सीट बहुजन समाज पार्टी जीती थी। क्या अखिलेश यादव मुरादाबाद, बिजनौर, नगीना, कैराना और मुजफ्फरनगर सीट को जीते हुए माने बैठे हैं ? क्योंकि रामपुर तो वह खो बैठे हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि रामपुर में तो आजम खां के समर्थकों की नाराजगी की वजह से रैली भी नहीं कर पाए। वैसे भी दिल्ली के इमाम मोहिबुल्लाह नदवी को टिकट देने से आजम खान उनसे बहुत नाराज हैं। अखिलेश यादव को यह समझ लेना चाहिए कि मुजफ्फरनगर से हरेंद्र मलिक और कैराना से इकरा हसन बीजेपी नेताओं की शिकायत करते देखे गए हैं। जगजाहिर है कि राजनीति में यह माना जाता है कि जो प्रत्याशी हारता है वही शिकायत करता है। हां इन सीटों पर बीजेपी को हराने का दावा करने वाले राजपूत नेता जरूर दावा कर रहे हैं कि उन्होंने बीजेपी के खिलाफ वोट किया है।
दरअसल अखिलेश यादव ने पहले चरण के मतदान के बाद एक्स पर पोस्ट की कि बीजेपी का पहला शो ही फ्लॉप हो गया है। जुमलेबाजी और झूठ का पहाड़ ढहा गया है। अब मेरठ में समाजवादी पार्टी की प्रत्याशी सुनीता वर्मा के समर्थन में आयोजित रैली में अखिलेश यादव ने कहा है कि ये पश्चिम की हवा ने सब पलट दिया है। उन्होंने कहा है कि मेरठ की धरती क्रांतिकारियों की धरती रही है। आजादी में इस धरती की भूमिका रही है, जो धरती आजादी दिलाती रही है, वो बीजेपी से आजादी दिलाएगी।
अखिलेश यादव ने किसान आंदोलन की यादों को ताजा करते हुए कहा कि यहां के किसान, नौजवान अगर निकलना चाहते थे। धरने के लिए उनके ट्रैक्टरों को पकड़ लेती थी पुलिस। अखिलेश यादव की किसानों की एमएसपी गारंटी कानून की बात करते हुए कहा है कि किसान एमएसपी की मांग कर रहा है। बीजेपी है कि किसानों की सुन ही नहीं रही है। किसानों की सहानुभूति बटोरने के लिए अखिलेश यादव ने कहा है कि जिस सरकार ने किसान को धोखा दिया हो, नौजवान को धोखा दिया वो सरकार बचेगी कैसे?
अखिलेश यादव ने दलितों की दुखती रग पर भी हाथ रखा। उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दलितों पर झूठे मुकदमे किसी ने लगाए तो भारतीय जनता पार्टी ने लगाए हैं। यह अन्याय कभी समाजवादी लोग स्वीकार नहीं कर सकते हैं। PDA की बात रटते हुए उन्होंने कहा कि यह लड़ाई बड़ी हो गई है, जिससे ये बीजेपी वाले लोग घबराए हुए है।

