इस्लामाबाद। पाकिस्तान में इस वक्त पाक रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान को लेकर काफी हंगामा मचा हुआ है। उन्होंने भरी संसद में ये कह दिया कि अमेरिका ने पाकिस्तान को अफगानिस्तान के खिलाफ टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल किया और फिर फेंक दिया। उनका कहना है कि अमेरिका का साथ देना पाकिस्तान को भारी पड़ा, जिसका खामियाजा वह आज तक भुगत रहा है। पाकिस्तान में आए दिन हो रहे हमलों को लेकर उन्होंने यह बात कही है। पाकिस्तानी जर्नलिस्ट आरजू काजमी ने उनके बयानों को सही ठहराया है और कहा कि पाकिस्तान ने डॉलर्स लेकर अमेरिका के लिए काम किया है, कोई दहशतगर्दी के खिलाफ जंग नहीं लड़ी, जिसका हम क्रेडिट लेते रहते हैं।
आरजू काजमी ने मजाकिया अंदाज में ख्वाजा आसिफ को यह सलाह भी दी है कि वह बाथरूम न जाएं और पानी से बचें क्योंकि ऐसा बयान देने के बाद वह भी बाथरूम में गिर सकते हैं. पाकिस्तान के पूर्व आर्मी चीफ जनरल कमर जावेद बाजवा को बाथरूम में स्लिप होने से सिर में गंभीर चोटें आई हैं। इस हादसे को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं, इस घटना को बेहद शक के साथ देखा जा रहा है। आरजू काजमी ने कहा कि ऐसा न हो कि ख्वाजा आसिफ भी जनरल कमर बाजवा की तरह बाथरूम में गिर जाएं. ख्वाजा आसिफ को आजकल ऐसे बयान देने के बाद एहतियात करनी चाहिए।
जनरल बाजवा के बाथरूम में गिरने पर क्यों हो रहा शक?
रजू काजमी ने कहा कि सुना है कि जनरल कमर बाजवा साहब कुछ बताने वाले थे, लेकिन कुछ बताने से पहले वह बाथरूम में गिर गए। ये भी खबर है कि उनके पास कुछ सीक्रेट्स थे, जो वह लोगों को बताने वाले थे और वह पहले ही बाथरूम में स्लिप होकर गिर गए. उन्होंने इस हादसे को लेकर कहा, ‘कोई भी आम इंसान अगर गिरेगा बाथरूम में, तो उसका सिर एक बार लगेगा, या तो बेसिन से लगेगा, या दीवार से लगेगा या दरवाजे से लगेगा। एक बार लगेगा और गंभीर चोट लग जाएगी, ये समझ आता है. पर उनका सिर तीन बार लगा है और तीन गंभीर चोटें उनको आई हैं. तो तीन बार चोटें लगी हैं न उससे थोड़ा सा शक हो रहा है।
डॉलर्स लेकर अमेरिका के लिए काम करता रहा है पाकिस्तान, आरजू काजमी ने कहा
पाक रक्षा मंत्री के बयान पर आरजू काजमी ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ख्वाजा आसिफ सच बोल रहे हैं.’ आरजू काजमी ने कहा, ‘हमने कोई दहशतरगर्दी की जंग नहीं लड़ी, हमने पैसे पकड़े थे और अपने लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया. ये जो हम क्रेडिट लेते हैं कि हम टेरेरिज्म का शिकार हो गए क्योंकि हमने वॉर ऑफ टेररिज्म में हिस्सा लिया था, ऐसा नहीं है हमने कोई हिस्सा नहीं लिया था. हमने अमेरिका की मदद की थी. अमेरिका को जमीन चाहिए थी, जहां से वो अफगानिस्तान पर अटैक कर सके और हमने पैसा पकड़ा और जिया उल हक के समय से ही हम अफगान वॉर का हिस्सा बने. ये बात तो कई बार हुई है और अब तो पाकिस्तान के डिफेंस मिनिस्टर ने ये बात बोली है. अगर वह ये बात कह रहे हैं तो उनकी बात से कैसे इनकार किया जाएगा।
ख्वाजा आसिफ के बयानों पर क्या बोलीं आरजू काजमी?
आरजू काजमी ने यह भी कहा कि इससे पहले भी कई बार हमने देखा है, ऑपरेशन सिंदूर से पहले भी ख्वाजा आसिफ ने पार्लियामेंट में खड़े होकर ऐसी बातें कही हैं, सेना के बारे में बातें की हैं, फौज के बारे में भी बातें की हैं कि कोई जंग नहीं जीती. ये तमाम चीजें वह बोलते रहे हैं, कोई पहली बार नहीं है. मुझे हैरत भी हो गई कि उन्हें डिफेंस मिनिस्टर बना दिया गया. लग तो ये रहा था कि कोई इस तरह से बात करेगा तो उसको खास पॉजिशन पर नहीं रखा जाएगा, लेकिन उन्हें डिफेंस मिनिस्टर भी बनाया गया.
ख्वाजा वाली बात बिलावल भी कह चुके हैं, आरजू काजमी ने कहा
रजू काजमी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के वक्त भी इंटरनेशनल मीडिया पर जाकर जब उन्होंने बातें की थीं कि हम 30 साल डॉलर्स के लिए आतंकियों को पालते रहे, हमारी गलती थी और हमें गलती माननी चाहिए. तब हमारे कई मीडिया वालों और जान पहचान वालों ने कहा था कि इनका मीडिया में जाना बंद कर देना चाहिए, ये इंटरनेशनल मीडिया पर न आएं. उन्होंने कहा कि ये बातें तो बिलावल भुट्टो जरदारी भी कह चुके हैं कि हमारा ऐसा इतिहास रहा है, लेकिन मुझे तो लगता है कि हमारा वर्तमान भी वही है और भविष्य भी वैसा ही होगा, जो हम गलतियां करते रहे हैं. ख्वाजा आसिफ साहब बिल्कुल सही कह रहे हैं।






