देवेंद्र सिंह आर्य
कलयुग का प्रारंभ 18 फरवरी 3102 ईसा पूर्व हुआ था। भारतीय मान्यता के अनुसार जब नौ ग्रह एक युति में आ जाते हैं अर्थात एक लाइन अथवा पंक्ति में होते हैं तब एक युग का अवसान एवं दूसरे युग का प्रारंभ होता है।
ऐसा 18 फरवरी 3102 ईसा पूर्व को हुआ था जिस दिन कलयुग का प्रारंभ हुआ। जब कलयुग की शुरुआत हो रही थी उसी समय महाभारत का युद्ध चल रहा था।
कृष्ण जी ने कलयुग प्रारंभ होने की घोषणा महाभारत युद्ध के दौरान कर दी थी।
18 फरवरी 3102 ईसा पूर्व और वर्तमान के ईशा 2023 सन चल रही है। दोनों का योग करने पर 5125 वर्ष आते हैं। लेकिन कुछ विद्वान साथी इसको 5123 वर्ष भी करते हैं। परंतु सही गणना 5125 ही है।
कलयुगाब्द कलयुग के प्रारंभ पर चालू हुआ एक संवत है जो विश्व का एकमात्र प्राचीनतम प्रमाणिक संवत है।
भक्ति मार्गियों के अनुसार महाभारत का युद्ध 3139 ईसा पूर्व में हुआ था। उनकी ऐसी मान्यता है कि जब तक कृष्ण जी जीवित रहे उन्होंने कई कल का प्रभाव नहीं आने दिया इसलिए वह ऐसा कहते हैं। लेकिन यह सृष्टि नियम के विपरीत है अतः यह मानता उचित नहीं है।
श्री कृष्ण जी के महाप्रयाण के तत्काल बाद 7 दिन और 7 रात तक तेज आंधी और बारिश होती रही ।समुद्र में तूफान आते रहे और द्वारका नगरी डूब गई।
श्री कृष्ण जी की आयु महाभारत के समय 128 वर्ष की थी लेकिन कुछ विद्वान इसको कम या अधिक भी लिखते हैं।परंतु प्रमाणिकता 128 वर्ष में ही अधिक पाई जाती है। क्योंकि कृष्ण जी की मृत्यु के समय उनकी आयु का जो उल्लेख आता है वह 163 वर्ष 8 माह होना पाया जाता है।
कलयुग के 5125 वर्षों में कृष्ण जी की आयु के 128 वर्ष जोड़ने पर 5253 वर्ष अब तक हो गए। इस प्रकार कृष्ण जी का इस वर्ष 5253 वां जन्मदिन मनाया जा रहा है।








