नवभारत टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय नौसेना का कैरियर बैटल ग्रुप, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, सबमरीन, और 8-10 युद्धपोत शामिल थे, अरब सागर में तैनात था। इस ग्रुप ने चौबीसों घंटे निगरानी रखी, और मिग-29K जेट्स ने कॉम्बेट एयर पेट्रोलिंग की। जब एक पाकिस्तानी एयरक्राफ्ट ने भारतीय नौसेना की टोह लेने की कोशिश की, तो उसे तुरंत खदेड़ दिया गया और चेतावनी दी गई। नौसेना के P-8I लॉन्ग रेंज मेरीटाइम पेट्रोल एयरक्राफ्ट ने भी इस ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस कार्रवाई ने पाकिस्तानी नौसेना और उनकी एयर यूनिट को रक्षात्मक स्थिति में रहने के लिए मजबूर कर दिया, जिसके कारण उनके सीमित युद्धपोत बंदरगाहों से बाहर नहीं निकल सके। भारतीय नौसेना ने ‘साइलेंट’ रहकर अपनी रणनीतिक ताकत का प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त, ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय वायुसेना ने भी पाकिस्तानी वायुसेना को भारी नुकसान पहुंचाया, जिसमें 6 फाइटर जेट, 2 AWACS, 1 C-130 ट्रांसपोर्ट विमान, और कई ड्रोन व मिसाइलें नष्ट की गईं।
यह ऑपरेशन 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारत ने इस कार्रवाई को आतंकी ठिकानों तक सीमित रखने का दावा किया, जबकि पाकिस्तान ने नागरिक क्षेत्रों पर हमले का आरोप लगाया, जो बाद में जांच में झूठा साबित हुआ।






