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जंग के बीच लॉकडाउन के वायरल नोटिस का क्या है सच?

सोशल मीडिया पर हाल ही में एक PDF नोटिस वायरल हो रहा है, जिसमें “War Lockdown Notice” लिखा है। इसमें सरकारी स्टाइल (अशोक चक्र वाला एम्ब्लम आदि) इस्तेमाल करके लोगों को घर में रहने की सलाह दी गई है, और इसे ईरान-इजरायल-अमेरिका के बीच मिडिल ईस्ट जंग से जोड़ा जा रहा है। कई लोगों को यह असली सरकारी नोटिस लगा, जिससे पैनिक फैला। लेकिन सच्चाई यह है कि नोटिस के अंत में बड़े अक्षरों में “April Fool” लिखा होता है, साथ में इमोजी भी। यह एक मजाक था, जो आज (1 अप्रैल 2026) की तारीख का फायदा उठाकर फैलाया गया।

सरकार और अधिकारियों की स्थिति:

 

भारत सरकार ने बार-बार साफ किया है कि कोई लॉकडाउन नहीं लग रहा और न ही कोई ऐसा प्रस्ताव विचाराधीन है।
केंद्रीय मंत्री हर्दीप सिंह पुरी समेत कई मंत्रियों ने अफवाहों को “पूरी तरह फर्जी” बताया और लोगों से घबराने या पैनिक खरीदारी न करने की अपील की है।
पीएम मोदी के हालिया भाषण में कोविड का जिक्र वैश्विक संकटों से निपटने की तैयारियों के संदर्भ में था, न कि किसी नए लॉकडाउन का ऐलान। वीडियो को कंटेक्स्ट से बाहर निकालकर गलत तरीके से वायरल किया जा रहा है।

 

पाकिस्तान का मामला भी फर्जी

 

पाकिस्तान में भी “स्मार्ट लॉकडाउन” या वीकेंड लॉकडाउन का वायरल नोटिफिकेशन फैला था (जिसमें बाजार बंद, ट्रैवल रुकना आदि लिखा था)। पाकिस्तानी सरकार और सूचना मंत्री ने इसे फेक बताया और लोगों से गलत पोस्ट शेयर न करने को कहा। वहां भी कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं लगा है।

 

क्यों फैल रही हैं ये अफवाहें?

 

मिडिल ईस्ट में तनाव (तेल-गैस की किल्लत की आशंका) के कारण LPG, पेट्रोल-डीजल पर पैनिक बाइंग हो रही है। कोविड लॉकडाउन (2020) की यादें ताजा होने से लोग जल्दी घबरा रहे हैं। अप्रैल फूल के दिन फेक प्रैंक आसानी से वायरल हो जाते हैं।

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