गुस्सा और हार्ट अटैक का संबंध ?

गुस्सा वाकई हार्ट अटैक का एक ट्रिगर हो सकता है, खासकर अगर आप पहले से हृदय रोग से ग्रस्त हैं। हाल ही में आज तक की एक रिपोर्ट में डॉक्टर गीता प्रकाश ने बताया कि गुस्सा अकेले हार्ट अटैक का कारण नहीं है, लेकिन यह दिल पर अतिरिक्त तनाव डालकर जोखिम को दोगुना बढ़ा सकता है। आइए, स्टेप बाय स्टेप समझते हैं कि ऐसा क्यों होता है, वैज्ञानिक कारणों और स्टडीज के आधार पर।

 

गुस्से का शरीर पर तुरंत प्रभाव (फिजियोलॉजिकल रिएक्शन)

 

जब आप गुस्सा होते हैं, तो दिमाग का “फाइट या फ्लाइट” सिस्टम एक्टिवेट हो जाता है। इससे स्ट्रेस हार्मोन एड्रेनालाईन (adrenaline) और कोर्टिसोल (cortisol) रिलीज होते हैं।
ये हार्मोन ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को अचानक बढ़ा देते हैं। नतीजा? हृदय की मांसपेशियों पर ज्यादा लोड पड़ता है, जो पहले से संकुचित धमनियों (जिनमें प्लाक जमा हो) को और तनाव देता है।
अगर धमनियां पहले से ब्लॉक हैं, तो यह बढ़ा हुआ प्रेशर प्लाक को फटने या टूटने का कारण बन सकता है, जिससे खून का थक्का (clot) बन जाता है और हार्ट को ऑक्सीजन सप्लाई रुक जाती है। यही हार्ट अटैक है।

 

वैज्ञानिक स्टडीज क्या कहती हैं?

 

हार्वर्ड स्टडी (2020): लगातार गुस्सा करने से हार्ट अटैक का खतरा 20-30% तक बढ़ जाता है। यह स्टडी बताती है कि इमोशनल ट्रिगर्स जैसे अचानक गुस्सा या चिंता, हृदय संबंधी घटनाओं (जैसे अटैक या स्ट्रोक) को ट्रिगर कर सकते हैं।
ओनली माई हेल्थ की रिपोर्ट (2025): डॉक्टरों के अनुसार, गुस्सा सीधे हार्ट अटैक का कारण नहीं, लेकिन हार्मोनल चेंजेस (जैसे सिम्पैथोमिमेटिक एक्टिविटी) से हृदय पर अप्रत्यक्ष दबाव पड़ता है। खासकर डायबिटीज, हाई BP या स्मोकिंग वाले लोगों में।
कुल मिलाकर, अगर आपको पहले से हार्ट डिजीज है, तो गुस्से के 2 घंटे के अंदर अटैक का रिस्क दोगुना हो जाता है।

 

कौन ज्यादा जोखिम में?

 

उम्र और लिंग: 45 साल से ऊपर के पुरुषों और महिलाओं में ज्यादा। महिलाओं में लक्षण अलग हो सकते हैं (जैसे सांस फूलना या थकान)।
अन्य फैक्टर्स: हाई कोलेस्ट्रॉल, मोटापा, स्मोकिंग या फैमिली हिस्ट्री वाले लोग। गुस्सा इन सबको और बिगाड़ देता है।

 

बचाव के उपाय: डॉक्टरों की सलाह

 

गुस्सा कंट्रोल करें: डीप ब्रीदिंग, मेडिटेशन या योग करें। गुस्सा आने पर 10 तक गिनती गिनें।
लाइफस्टाइल चेंज: रोज 30 मिनट वॉक, हेल्दी डाइट (फल-सब्जियां ज्यादा), स्मोकिंग छोड़ें। BP और कोलेस्ट्रॉल चेकअप रेगुलर करवाएं।
इमरजेंसी में: अगर सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ या पसीना आ जाए, तो तुरंत 108 एम्बुलेंस कॉल करें।

याद रखें, गुस्सा सामान्य है, लेकिन बार-बार या अचानक ज्यादा गुस्सा हृदय के लिए खतरा है। अगर आपको हार्ट से जुड़ी कोई समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह लें। स्वस्थ रहें!

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