जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में कई अहम फैसले लिए गए हैं, जिनमें हथियारों, मिलिट्री एयरक्राफ्ट और सैन्य उपकरणों पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को पूरी तरह से हटा दिया गया है। यह निर्णय भारतीय सेना के लिए बड़ा फायदा लेकर आया है।
प्रमुख बिंदु:
GST मुक्त हथियार और उपकरण:
पहले हथियारों और सैन्य उपकरणों पर 18% जीएसटी लगता था, जिसे अब पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।
मिलिट्री ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट जैसे सी-130 (अमेरिका से खरीदे गए) और सी-295 (एयरबस और टाटा द्वारा बड़ोदरा में निर्मित) पर भी जीएसटी हटा दिया गया है।
शिप से लॉन्च होने वाली मिसाइलों और रिमोटली पायलट एयरक्राफ्ट (आरपीए) जैसे ड्रोन्स पर भी जीएसटी खत्म कर दिया गया है।
रेडियो कम्युनिकेशन डिवाइस:
सॉफ्टवेयर से चलने वाले रेडियो कम्युनिकेशन डिवाइस, जिन पर पहले 18-28% जीएसटी लगता था, अब केवल 5% जीएसटी के दायरे में आएंगे।
भारतीय सेना को फायदा:
जीएसटी हटने से सेना के लिए हथियार, उपकरण और मिलिट्री एयरक्राफ्ट की खरीद लागत में कमी आएगी, जिससे रक्षा बजट का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
यह कदम रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा, क्योंकि कम लागत में अधिक उपकरण खरीदे जा सकेंगे।
ड्रोन जैसे आधुनिक उपकरणों पर जीएसटी घटाकर 5% करने से डिफेंस, सर्विलांस, और अन्य क्षेत्रों में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
अन्य क्षेत्रों में राहत:
जीएसटी स्लैब को चार (5%, 12%, 18%, 28%) से घटाकर दो (5% और 18%) कर दिया गया है, जिससे कई दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती होंगी।
स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर जीएसटी को 18% से पूरी तरह हटा दिया गया है, जो आम जनता के लिए राहत की बात है।
लागू होने की तारीख:
ये नए जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी, जिसे वित्त मंत्री ने “दिवाली गिफ्ट” के रूप में बताया है।
प्रभाव:
आर्थिक प्रभाव: इस कदम से भारतीय सेना की परिचालन क्षमता बढ़ेगी और रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा। साथ ही, जीएसटी स्लैब में कमी से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें कम होने से आम आदमी को भी राहत मिलेगी।
राजस्व पर असर: कुछ राज्यों ने जीएसटी कटौती से होने वाले अनुमानित 50,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान पर चिंता जताई है, लेकिन केंद्र का मानना है कि लंबे समय में बढ़ती खपत से इसकी भरपाई हो जाएगी








