बांग्लादेश के पीएम और सेना प्रमुख के बीच तनाव चरम पर
नई दिल्ली/ढाका। बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस और सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान के बीच तनाव चरम पर है। जानकारी के अनुसार यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार और सेना के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं। खासकर चुनाव की तारीखों और राखाइन कॉरिडोर जैसे मुद्दों पर। यूनुस ने जून 2026 तक चुनाव कराने की बात कही है, जबकि जमान दिसंबर तक चुनाव की मांग कर रहे हैं, यह तर्क देते हुए कि केवल एक निर्वाचित सरकार को प्रमुख निर्णय लेने चाहिए। दरअसल मोहम्मद यूनुस एक कट्टरपंथी को सेना प्रमुख बनाने जा रहे थे कि रूस ने वाकर जमान बताया कि उनका पद छीनते ही उनकी क्या दुर्गति होगी ? वाकर उज जमान ने मोहम्मद को चेतावनी दे दी है कि यदि तख्तापलट नहीं कराना है तो फिर चुनाव कराओ ।
बांग्लादेश में मोहम्मद यूनुस और सेना प्रमुख जनरल वाकर-उज-जमान के बीच तनाव चरम पर है। हाल के समाचारों के अनुसार, यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार और सेना के बीच मतभेद बढ़ रहे हैं, खासकर चुनाव की तारीखों और राखाइन कॉरिडोर जैसे मुद्दों पर। यूनुस ने जून 2026 तक चुनाव कराने की बात कही है, जबकि जमान दिसंबर 2025 तक चुनाव की मांग कर रहे हैं, यह तर्क देते हुए कि केवल एक निर्वाचित सरकार को प्रमुख निर्णय लेने चाहिए।
जमान ने यूनुस की अंतरिम सरकार की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि संविधान में सरकार के विघटन के 90 दिनों के भीतर चुनाव अनिवार्य हैं। सूत्रों का कहना है कि जमान संवैधानिक अस्पष्टताओं का उपयोग करके यूनुस को सत्ता से हटाने की योजना बना रहे हैं, संभवतः एक “सॉफ्ट टेकओवर” के जरिए। यूनुस ने इस्तीफे की धमकी दी है, यह कहते हुए कि वह बिना राजनीतिक सहमति के काम नहीं कर सकते।
हालांकि, यूनुस के सलाहकारों ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए मनाया है, यह चेतावनी देते हुए कि इस्तीफा देश को और अस्थिरता की ओर ले जाएगा। दूसरी ओर, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी ने यूनुस पर जल्द चुनाव का दबाव बढ़ाया है, जबकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस सड़क शक्ति का उपयोग करके सेना के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
शेख हसीना ने भी यूनुस पर हमला बोला है, उन्हें “मिलिटेंट समर्थन” से सत्ता चलाने और देश को “अमेरिका को बेचने” का आरोप लगाया है। यह स्थिति बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा रही है, और जमान के अगले कदम से यूनुस की सत्ता पर पकड़ निर्भर करेगी।
क्या आप इस मुद्दे पर किसी विशेष पहलू, जैसे कि संभावित परिणाम या क्षेत्रीय प्रभाव, के बारे में और जानना चाहेंगे?
जमान ने यूनुस की अंतरिम सरकार की वैधानिकता पर सवाल उठाए हैं, क्योंकि संविधान में सरकार के विघटन के 90 दिनों के भीतर चुनाव अनिवार्य हैं। सूत्रों का कहना है कि जमान संवैधानिक अस्पष्टताओं का उपयोग करके यूनुस को सत्ता से हटाने की योजना बना रहे हैं, संभवतः एक “सॉफ्ट टेकओवर” के जरिए। यूनुस ने इस्तीफे की धमकी दी है, यह कहते हुए कि वह बिना राजनीतिक सहमति के काम नहीं कर सकते।
हालांकि, यूनुस के सलाहकारों ने उन्हें पद पर बने रहने के लिए मनाया है, यह चेतावनी देते हुए कि इस्तीफा देश को और अस्थिरता की ओर ले जाएगा। दूसरी ओर, बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी ने यूनुस पर जल्द चुनाव का दबाव बढ़ाया है, जबकि कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यूनुस सड़क शक्ति का उपयोग करके सेना के खिलाफ समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
शेख हसीना ने भी यूनुस पर हमला बोला है, उन्हें “मिलिटेंट समर्थन” से सत्ता चलाने और देश को “अमेरिका को बेचने” का आरोप लगाया है। यह स्थिति बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता को और गहरा रही है, और जमान के अगले कदम से यूनुस की सत्ता पर पकड़ निर्भर करेगी। क्या आप इस मुद्दे पर किसी विशेष पहलू, जैसे कि संभावित परिणाम या क्षेत्रीय प्रभाव, के बारे में और जानना चाहेंगे?






