क्रॉस वोटिंग की संभावना: खेला होने के संकेत
उपराष्ट्रपति चुनाव में वोटिंग गुप्त होती है, इसलिए पार्टी व्हिप लागू नहीं होता और दल-बदल कानून भी प्रभावी नहीं। इससे क्रॉस वोटिंग की पूरी गुंजाइश रहती है। एनडीए के पास नंबर गेम मजबूत (लगभग 500+ वोट) है, लेकिन इंडिया ब्लॉक को उम्मीद है कि कुछ एनडीए सांसद विपक्ष के पक्ष में वोट डाल सकते हैं। विशेष रूप से सपा, कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दलों के सांसदों से क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई जा रही है। उदाहरण के लिए:
सपा के 37 सांसदों में से कुछ (जैसे उत्तर प्रदेश या बिहार से) एनडीए की ओर झुक सकते हैं।
कांग्रेस के कुछ सांसदों (मध्य प्रदेश, गुजरात या राजस्थान से) में व्यक्तिगत असंतोष के कारण क्रॉस वोटिंग हो सकती है।
निर्दलीय सांसदों (लोकसभा में 7) और छोटे दलों (जैसे अकाली दल, जेडपीएम) के वोट अनिश्चित हैं।
बीआरएस (तेलंगाना) और बीजेडी (ओडिशा) ने वोटिंग से दूरी का ऐलान किया है, जिससे उनके सांसदों के वोट न गिरने से इंडिया ब्लॉक को नुकसान हो सकता है। इंडिया गठबंधन के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने कहा, “मैं क्रॉस वोटिंग की बात नहीं कर रहा, लेकिन लोगों की अंतरात्मा जागेगी।” एनडीए की जीत लगभग तय मानी जा रही है, लेकिन क्रॉस वोटिंग से इंडिया ब्लॉक के लिए सरप्राइज संभव है।
प्रफुल्ल पटेल का रोल: क्रॉस वोटिंग के संकेत?
प्रफुल्ल पटेल, एनसीपी (राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी) के प्रमुख नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री, एनडीए के साथ गठबंधन में हैं। एनसीपी के 5 राज्यसभा सांसद हैं, जो उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट डालेंगे। हाल की खबरों में प्रफुल्ल पटेल ने क्रॉस वोटिंग के स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं, लेकिन पार्टी के अंदरूनी असंतोष (महाराष्ट्र में शरद पवार गुट vs अजित पवार गुट) के कारण एनसीपी सांसदों से क्रॉस वोटिंग की अटकलें लगाई जा रही हैं। पटेल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कहा कि “पार्टी लाइन से ऊपर राष्ट्रीय हित महत्वपूर्ण है,” जिसे कुछ मीडिया ने क्रॉस वोटिंग का इशारा माना है। हालांकि, एनसीपी आधिकारिक तौर पर एनडीए के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन का समर्थन कर रही है। अगर एनसीपी के सांसद विपक्ष की ओर जाते हैं, तो यह महाराष्ट्र राजनीति में बड़ा ‘खेला’ साबित होगा, खासकर 2025 विधानसभा चुनावों से पहले।
उम्मीदवारगठबंधनपृष्ठभूमिमजबूत पक्षसी.पी. राधाकृष्णनएनडीएबीजेपी नेता, महाराष्ट्र राज्यपाल, तमिलनाडु से। पूर्व केंद्रीय मंत्री।एनडीए का मजबूत समर्थन, दक्षिण भारत में प्रभाव। तीसरे तमिलनाडु मूल के उपराष्ट्रपति बन सकते हैं।बी. सुदर्शन रेड्डीइंडिया ब्लॉकसुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज, आंध्र प्रदेश से।न्यायिक अनुभव, विपक्ष का वैचारिक समर्थन (संविधान vs आरएसएस)। क्रॉस वोटिंग पर निर्भर।
चुनाव का महत्व
यह चुनाव सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश देगा। एनडीए के लिए यह मजबूत एकजुटता दिखाने का मौका है, जबकि इंडिया ब्लॉक के लिए क्रॉस वोटिंग से गठबंधन की एकता साबित करने का। परिणाम आज शाम तक आ जाएंगे, और नया उपराष्ट्रपति राज्यसभा सभापति के रूप में तुरंत काम संभालेगा। अगर क्रॉस वोटिंग हुई, तो यह 2025 के विधानसभा चुनावों में बड़ा ट्विस्ट ला सकती है।
अपडेट्स के लिए आधिकारिक स्रोत जैसे चुनाव आयोग या संसद की वेबसाइट चेक करें।

