फतेहपुर में नवाब अब्दुल समद के मकबरे में 11 अगस्त 2025 को हिंदू संगठनों द्वारा तोड़फोड़ की घटना पर आजाद समाज पार्टी के नेता और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना सरकार की शह पर हुई और इसे 1992 के बाबरी मस्जिद विध्वंस की घटना को दोहराने की कोशिश बताया। आजाद ने कहा कि पुलिस, इंटेलिजेंस और LIU की निष्क्रियता सवाल उठाती है, और सरकार जानबूझकर धार्मिक तनाव भड़काकर बुनियादी मुद्दों जैसे रोजी-रोटी, शिक्षा और बाढ़ से ध्यान हटाना चाहती है। उन्होंने पुलिस की दोहरी नीति पर भी निशाना साधा, कहा कि सांसदों के प्रदर्शन पर भारी बैरिकेडिंग होती है, लेकिन तोड़फोड़ करने वालों को खुली छूट दी गई। आजाद ने इस मुद्दे को संसद में उठाने की बात कही।
घटना में हिंदू संगठनों ने मकबरे को ठाकुर जी का मंदिर बताकर पूजा-अर्चना की और तोड़फोड़ की, जिसके बाद मुस्लिम समुदाय ने पथराव किया। पुलिस ने 10 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की, लेकिन कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। प्रशासन ने क्षेत्र में भारी सुरक्षा तैनात कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।







